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पटना में घुसी आंध्रा पुलिस ने IG को घेरा, बिहार पुलिस को देना पड़ा साथ; क्या है सांसद को बांधा, सीने पर बैठने का मामला?

Andhra Police Raids Bihar IG Sunil Kumar Nayak: बिहार के फायर आईजी सुनील कुमार नायक के पटना आवास पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने छापा मारा है. 2021 में पूर्व सांसद रघुराम राजू को टॉर्चर करने और हत्या के प्रयास (307) का आरोप है. अब उनके गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है. आइये जानें क्या है पूरा मामला?

Andhra Police Raids Bihar IG Sunil Kumar Nayak House Patna

Andhra Police Raids Bihar IG Sunil Kumar Nayak: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बिहार पुलिस महकमे के एक बड़े अधिकारी के घर दूसरे राज्य की पुलिस धमक पड़ी. बिहार के गृह रक्षा एवं अग्निशमन सेवा विभाग में कार्यरत आईजी (IG) सुनील कुमार नायक के शास्त्री नगर स्थित सरकारी आवास पर आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने छापेमारी की है. इस कार्रवाई में स्थानीय बिहार पुलिस भी उनका सहयोग कर रही है.

पिछले 2 घंटे से बंद कमरे में आईजी से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत गिरफ्तारी की पूरी तैयारी कर ली गई है. आइये जानें आखिर क्या है ये पूरा मामला?

पटना में क्यों घुसी आंध्रा पुलिस? (Andhra Police Action In Patna)

सुनील कुमार नायक बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. यह पूरा मामला साल 2021 का है, जब वे आंध्र प्रदेश सीआईडी (CID) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात थे. मामला आंध्र प्रदेश विधानसभा के वर्तमान उपाध्यक्ष और उंडी से टीडीपी विधायक के. रघुराम कृष्णा राजू (K. Raghurama Krishna Raju) की शिकायत से जुड़ा है.

साल 2021 में (जब राजू YSR कांग्रेस के सांसद थे), नायक के निर्देश पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. राजू का आरोप है कि उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर गुंटूर के सीआईडी कार्यालय में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और भयंकर यातनाएं (थर्ड डिग्री) दी गईं.

‘पैरों को बांधा, सीने पर बैठे… यह हत्या का प्रयास था’

रघुराम कृष्णा राजू ने पुलिस और कोर्ट में जो शिकायत दर्ज कराई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी कस्टडी के दौरान उनके पैरों को रस्सियों से बांधा गया और रबर बेल्ट तथा लाठियों से पीटा गया. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरी साजिश में तत्कालीन सीएम जगन मोहन रेड्डी, पूर्व डीजीपी पी.वी. सुनील कुमार और अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल थे, जिन्होंने फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाई. राजू के मुताबिक-

‘मेरी पहले हार्ट सर्जरी हो चुकी थी, इसके बावजूद पुलिस वाले मेरे सीने पर बैठ गए और मेरा दम घोंटने की कोशिश की. यह सीधे तौर पर मेरी हत्या का प्रयास था.’

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

इस मामले में कोर्ट के आदेश पर सुनील कुमार नायक के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था. आईजी नायक ने आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा 25 फरवरी और 10 मार्च 2025 को जारी समन नोटिसों को चुनौती देते हुए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई से संरक्षण देने से इनकार कर दिया.

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सूत्रों के अनुसार, इस मामले में नायक की जमानत रद्द हो चुकी है. जमानत रद्द होने और हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद ही आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना में यह दबिश दी है. पुलिस दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है. कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नायक को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर आंध्र प्रदेश ले जाने की तैयारी है.



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