संवाददाता- प्रकाश सिंह, अलीगढ
अलीगढ़ मंगलयतन विश्वविद्यालय के 11वे दीक्षांत समारोह में शामिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा वक्फ बोर्ड सिर्फ मुकदमे बाजी का अड्डा है, इसके अलावा वह वक्फ बोर्ड पर और कोई कार्य नहीं है, मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन एक्ट के तहत तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को प्रतिमाह भत्ता दिलाने की बात को किया गया है दरकिनार, वक्फ बोर्ड के हालातो को देखने से लगता है कि वक्फ बोर्ड में कहीं ना कहीं खामियां है, इसमें सुधार की जरूरत है.
मंगलायतन विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारत का मर्म ज्ञान है, यहां ज्ञान की संस्कृति है और भारत ज्ञान का देश है. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर कहा कि वह मुकदमे बाजी का अड्डा बन गया है. जब वह उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड मंत्री थे. तो उस समय बोर्ड की काफी प्रॉपर्टी थी और इनकम भी थी. लेकिन कर्मचारियों को पैसा देने के नाम पर कुछ नहीं था.
तलाकशुदा महिलाओं को मासिक भत्ता दिया जाएं
a1986 में मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन एक्ट पास हुआ था. उस समय उन्होंने इस्तीफा दिया था. उसमें कहा गया था, कि मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को वक्फ बोर्ड के माध्यम से मासिक भत्ता दिया जाना चाहिए. जब उन्होंने 2 साल बाद इस संबंध में संसद में प्रश्न पूछा तो बताया गया कि एक भी महिला को कोई भत्ता नहीं दिया गया है. वर्तमान समय में वक्फ बोर्ड की हालत खराब नजर आती है. जब वक्फ बोर्ड के पास इतनी प्रॉपर्टी है और तनख्वाह देने के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है. तो कहीं ना कहीं वक्फ बोर्ड की हालत खराब है. इसमें सुधार की आवश्यकता जरूरत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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