अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला.
एक्सियम मिशन-4 के तहत अंतरिक्ष की यात्रा पर गए इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कमांडर शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) सहित चार एस्ट्रोनॉट आज (14 जुलाई) शाम 4 बजकर 35 मिनट पर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से पृथ्वी के लिए रवाना होंगे. इस दौरान शुभांशु शुक्ला 23 घंटे का लंबा सफर तय करने के बाद उनका स्पेसक्राफ्ट 15 जुलाई को करीब 3 बजे समुद्र में लैंड करेगा, जिसे स्प्लैशडाउन कहा जाता है. शुभांशु शुक्ला का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट करीब 263 किलो से ज्यादा सामान के साथ अंतरिक्ष से वापस आएगा, जिसमें नासा से जुड़े हार्डवेयर और 60 से ज्यादा स्पेस स्टेशन में किए गए प्रयोगों का डाटा शामिल है.
बता दें कि शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य एस्ट्रोनॉट 25 जून को दोपहर करीब 12 बजे ड्रैगन एयरक्राफ्ट से Axiom-4 मिशन के तहत रवाना हुए थे, और 26 जून को शाम करीब 4 बजकर 1 मिनट पर ISS पहुंचे थे. इन सभी एस्ट्रोनॉट ने स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी.
17 दिनों में Shubhanshu Shukla ने क्या-क्या किया?
बीते 17 दिनों में अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने 60 से ज्यादा किए गए प्रयोगों में हिस्सा लिया, जिसमें 7 प्रयोग भारत के शामिल थे. शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग के बीजों को उगाया. इसके अलावा उन्होंने स्पेस माइक्रोएल्गी प्रयोग में हिस्सा लिया. शुभांशु ने अंतरिक्ष में हड्डियों के हेल्थ पर भी एक प्रयोग किया.
यह भी पढ़ें- Shubhanshu Shukla की आईएसएस से वापसी का काउंटडाउन शुरू, सावन के पहले सोमवार को परिवार ने की विशेष शिव पूजा
आइये आपको बताते हैं कि कब और कितने बजे से पृथ्वी पर आने की प्रक्रिया शुरू होगी-
दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर क्रू मेंबर स्पेसक्राफ्ट में जाएंगे.
शाम को 4 बजकर 35 मिनट पर स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के हार्मनी मॉड्यूल से अनडॉक करेगा.
अगले दिन यानी कि 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे कैलिफोर्निया के समुद्र में स्पेसक्राफ्ट लैंड करेगा.
शुभांशु शुक्ला ने 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंतरिक्ष से बात की थी. इस दौरान शुभांशु शुक्ला लाइव वीडियो में दिखाई दिए थे. उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत के दौरान कहा था कि अंतरिक्ष से भारत बहुत सुंदर दिखाई देता है. शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन से 3, 4 और 8 जुलाई को तिरुवनंतपुरम, बेंगलुरु और लखनऊ के 500 से ज्यादा छात्रों के साथ हैम रेडियो के जरिए बात की थी. इसके अलावा शुभांशु शुक्ला ने 6 जुलाई को इसरो चीफ डॉ. वी.नारायण से बात की थी, जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष में किए गए प्रयोगों और भारत के गगनयान मिशन पर चर्चा की थी.
स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय
आपको बता दें कि अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA और ISRO के बीच हुए एक समझौते के तहत इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) को इस मिशन के लिए चुना गया था. शुभांशु ISS पर जाने वाले पहले और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इसके पहले साल 1984 में राकेश शर्मा सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अतंरिक्ष में पहुंचे थे.
भारत ने इस यात्रा के लिए चुकाए 548 करोड़ रुपये
आपको जानकर हैरानी होगी कि शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) को अंतरिक्ष में भेजने के लिए भारत ने एक्सियम-4 मिशन के तहत अतंरिक्ष में जाने वाले ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में एक सीट के लिए 548 करोड़ रुपये चुकाए हैं. शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष की इस यात्रा से गगनयान मिशन में मदद मिलेगी. गगनयान मिशन 2027 में लॉन्च करने की तैयारी इसरो कर रहा है.
90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता है ISS
अगर हम इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की बात करें, तो यह स्टेशन पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है. स्पेस स्टेशन पृथ्वी का एक चक्कर 90 मिनट में पूरा करता है. स्पेस स्टेशन 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




