पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मंगलवार (25 नवंबर) से बाबरी मस्जिद के शिलान्यास का एक पोस्टर चर्चा में बना हुआ है. इस पोस्टर में दावा किया गया है कि 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास समारोह होगा. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक हुमायूं कबीर (TMC MLA Humayun Kabir) को इस कार्यक्रम का आयोजक बताया गया है.
इस पर बयान देते हुए विधायक हुमायू कबीर ने कहा कि हम 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे, क्योंकि 6 दिंसबर 1992 में कार सेवकों द्वारा अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था. अगले महीने बाबरी विध्वंस के 33 साल पूरे हो जाएंगे. इस कार्यक्रम में कई मुस्लिम नेता शामिल हो सकते है.
भाजपा बोली- बांग्लादेश की नींव रख रही TMC
बीजेपी (BJP) ने इस मामले में पर कड़ा हमाला बोला है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि TMC पश्चिम बंगाल में मस्जिद नहीं, बल्कि बांग्लादेश की आधारशिला रख रही है. साथ ही बीजेपी नेता उमा भारती के बयान से यह मामला काफी तूल पकड़ रहा है. उन्होंने अपने बयान में कहा ” खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने, हम सम्मान करेंगे लेकिन बार के नाम से बनी इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं.”
आगरा में कब्र खोदकर विरोध
उत्तर प्रदेश के आगरा में हिंदू महासभा ने भी इसका विरोध किया है. संगठन के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल के पीछे युमना किनारे एक गड्ढा खोदकर उसे ‘कब्र’ का रूप दिया और विधायक हुमायूं कबीर को धमकी भरा संदेश भेजा है.
हिंदू महासभा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह गड्ढा उस चेतावनी का प्रतीक है कि बाबरी मस्जिद दोबारा बनाने की बात करने वालों का यही अंजाम होगा. जिलाध्यक्ष मीरा राठौर इसका समर्थन करते हुए कहा कि जो भी हुमायूं कबीर को जिंदा या मृत आगरा लेकर आएगा, उसे वे सोने के कंगन भेंट करेंगी. राठौर ने दावा किया कि जो लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, उनके लिए यही कब्र ही उत्तर है.
ये भी पढ़ें: रातों-रात मुर्शिदाबाद में लगे नई बाबरी मस्जिद के पोस्टर, TMC MLA के समर्थन से बढ़ा तनाव
बता दें कि अयोध्या में विवादित ढांचा 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों द्वारा ध्वस्त किया दिया था. अगले महीने बाबरी विध्वंस के 33 साल पूरे हो जाएंगे. TMC विधायक हुमायू कबीर का कहना है कि इसी मौके पर यह आयोजन किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




