Opium Seizure: आनन्द मिश्रा/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी. पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जब यहां छापेमारी की, तो नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. करीब डेढ़ एकड़ के खेत में अफीम की फसल लहलहा रही थी, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी गई है.
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
दरअसल, बलरामपुर पुलिस को पिछले कुछ समय से सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों (Opium) की खेती और तस्करी की खबरें मिल रही थीं. इसी कड़ी में कोरंधा पुलिस को एक सटीक जानकारी मिली कि तुर्रीपानी के खजुरी इलाके में कुछ लोग गुपचुप तरीके से अफीम उगा रहे हैं. जानकारी मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक स्पेशल टीम बनाई.
जब टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि खेतों के बीचों-बीच अफीम के पौधे उगाए गए थे, ताकि दूर से किसी को शक न हो. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और खेत के मालिकों को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपियों की पहचान सहादुर नगेशिया (34 वर्ष) और दुईला नगेशिया (40 वर्ष) के रूप में हुई है.
19 क्विंटल अफीम जब्त
प्रशासन की इस संयुक्त टीम ने जब अफीम की फसल को उखाड़ना और उसकी नपाई शुरू की, तो आंकड़े चौंकाने वाले निकले. करीब 1.47 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई थी. अधिकारियों के मुताबिक, मौके से लगभग 18 क्विंटल 83 किलो अफीम (Opium) के पौधे बरामद किए गए हैं. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी ने जिले में हड़कंप मचा दिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पौधों से अफीम निकालकर इसे कहां सप्लाई किया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े खिलाड़ी शामिल हैं.
ट्रैक्टर चलाकर फसल को किया नष्ट
अफीम की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के सामने ही पूरी फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की. प्रशासन ने मौके पर ही अफीम के पौधों को जड़ से उखाड़कर उसे आग के हवाले किया और जमीन को जोत दिया, ताकि दोबारा वहां ऐसी कोई गतिविधि न हो सके. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. दोनों ही आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी
बलरामपुर जिला झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है, जिसका फायदा अक्सर तस्कर उठाते हैं. इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग और भी ज्यादा सतर्क हो गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अब सघन जांच अभियान चलाया जाएगा. जंगल और पहाड़ी रास्तों पर भी ड्रोन और मुखबिरों के जरिए नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी अवैध खेती की हिम्मत कोई न कर सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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