छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में चल रहे प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव की खुशियां उस समय फीकी पड़ गई, जब मेले का आनंद लेने गए एक ही परिवार के कई लोग बीमार पड़ गए. मेले के चटपटे स्वाद का मजा लेना इन लोगों को भारी पड़ गया और देखते ही देखते हंसता-खेलता परिवार अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गया.
मेले का समोसा पड़ा भारी
वाकया 16 जनवरी का है, जब सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के नवापारा मोहल्ले से कुछ ग्रामीण बड़े उत्साह के साथ तातापानी महोत्सव देखने बलरामपुर पहुंचे थे. दिनभर मेले की रौनक देखने और घूमने-फिरने के बाद, सभी ने वहां एक स्टॉल पर समोसे खाए. उस वक्त किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह मामूली सा दिखने वाला नाश्ता उनकी सेहत बिगाड़ देगा.
महोत्सव से घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद, अचानक एक-एक करके सबकी तबीयत बिगड़ने लगी. शुरुआत में पीड़ितों को जी मिचलाने और बेचैनी की शिकायत हुई, जो देखते ही देखते गंभीर उल्टी और दस्त में बदल गई.
एक ही परिवार के 7 लोग अस्पताल में भर्ती
फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए इन लोगों में एक छोटी बच्ची, चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं. जब रात में हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, तो परिजनों ने पहले घरेलू नुस्खों से स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन राहत नहीं मिली. मामला गंभीर होता देख आनन-फानन में सभी सात लोगों को उदयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया.
अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और बताया कि यह मामला सीधे तौर पर ‘फूड पॉइजनिंग’ का है. राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने के कारण अब सभी की हालत स्थिर है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है.
प्रशासन हुआ अलर्ट
मेले जैसे सार्वजनिक आयोजनों में खान-पान की गुणवत्ता पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है. विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं. अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि महोत्सव में किस दुकान से समोसे खरीदे गए थे और क्या वहां इस्तेमाल किया गया तेल या मसाला खराब था.
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-भारत एक्सप्रेस
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