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बलरामपुर धर्मांतरण केस: ATS के हत्थे चढ़ा ईदुल इस्लाम, छांगुर बाबा से जुड़े और राज खुलने की उम्मीद

Balrampur conversion syndicate: एटीएस ने बलरामपुर धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े ईदुल इस्लाम को नागपुर से गिरफ्तार किया. उस पर देशद्रोह, सांप्रदायिक विद्वेष, धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत केस दर्ज है.

Balrampur conversion syndicate: बलरामपुर से जुड़े धर्मांतरण नेटवर्क का एक अहम सदस्य ईदुल इस्लाम आखिरकार एटीएस के हत्थे चढ़ गया. उसे नागपुर से पकड़ा गया है और अब ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है. ईदुल इस्लाम पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था. गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां उससे गहन पूछताछ करने की तैयारी में हैं.

गंभीर धाराओं में केस

ईदुल इस्लाम नागपुर के आसी नगर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है. उसके खिलाफ एटीएस थाने में दर्ज केस में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उस पर देशद्रोह से संबंधित धारा 121A, सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली धारा 153A, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं लागू की गई हैं. इसके साथ ही उस पर उत्तर प्रदेश के विधि-विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत भी मुकदमा दर्ज है.

संगठन के जरिए बढ़ावा

जांच में खुलासा हुआ है कि ईदुल इस्लाम नागपुर में ‘भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ’ नाम से एक संगठन चला रहा था. इसी मंच का इस्तेमाल करके वह धर्मांतरण से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था. एटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने छांगुर उर्फ जलालुद्दीन को अवध क्षेत्र का प्रमुख नियुक्त किया था ताकि उत्तर प्रदेश में इस नेटवर्क को और मजबूत किया जा सके.

सक्रिय भूमिका और फंडिंग के सबूत

ATS की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ईदुल इस्लाम महज औपचारिक पदाधिकारी नहीं था बल्कि धर्मांतरण सिंडिकेट की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहता था. वह सीधे तौर पर अभियानों में सहयोग करता था और योजनाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहा था. जांच एजेंसी को उसके और छांगुर के बीच हुए बैंक लेन-देन के ठोस प्रमाण मिले हैं, जिनसे फंडिंग और नेटवर्क के विस्तार की पुष्टि होती है.

वारंट के बाद तेज हुई तलाश

लखनऊ स्थित विशेष न्यायालय ATS/NIA ने ईदुल इस्लाम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. इसके बाद से ही एटीएस (ATS) लगातार उसकी तलाश में लगी रही. लंबे समय तक फरार रहने के बाद जब उसकी मौजूदगी नागपुर में ट्रेस हुई तो टीम ने वहां छापेमारी कर उसे हिरासत में ले लिया.

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‘पूछताछ से खुल सकते हैं राज’

एटीएस अधिकारियों का मानना है कि ईदुल इस्लाम से पूछताछ के दौरान धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं. उसे लखनऊ लाकर एजेंसी उसके संपर्कों, फंडिंग के स्रोत और प्रदेश में सक्रिय अन्य सहयोगियों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाएगी. जांच टीम को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से छांगुर गिरोह की बाकी कड़ियों तक पहुंचने में आसानी होगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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