रिपोर्ट: प्रहलाद सिंह चारण
पहाड़ियों की गोद में स्थित अतिप्राचीन और प्रसिद्ध श्रीराज राजेश्वरजी महादेव मंदिर से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है. इस पवित्र मंदिर परिसर में पिछले कुछ दिनों से भालू और तेंदुए जैसे खतरनाक जंगली जानवरों का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल बन गया है.
हाल ही में मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में भालू की एक ऐसी खौफनाक गतिविधि कैद हुई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक विशालकाय भालू मंदिर के भीतर घुसकर सरेआम तोड़फोड़ और उत्पात मचा रहा है.
लोहे की भारी संदूक को पलक झपकते ही तोड़ा(Bear in Mahadev Temple)
सीसीटीवी फुटेज से जो हैरान करने वाले दृश्य सामने आए हैं, उसमें भालू मंदिर परिसर में रखे सामान को बेरहमी से बिखेरता और तोड़फोड़ करता नजर आ रहा है. भालू की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने वहां रखी लोहे की एक बड़ी और भारी संदूक (तिजोरी) को भी पलक झपकते ही तहस-नहस कर दिया.
संदूक तोड़ने के बाद भालू भगवान की पूजा-अर्चना और अभिषेक के लिए रखे गए शुद्ध घी, शहद और अन्य खाद्य सामग्रियों को ढूंढ-ढूंढ कर बड़े चाव से खाता हुआ दिखाई दे रहा है. जंगली जानवर द्वारा मंदिर के गर्भगृह के आसपास की गई इस तोड़फोड़ से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
अर्बुदा गौशाला से आगे पहाड़ी पर है अतिप्राचीन मंदिर
यह पूरा मामला (Bear in Mahadev Temple Viral) अर्बुदा गौशाला से आगे पहाड़ी की ऊंचाइयों पर स्थित अतिप्राचीन श्रीराज राजेश्वरजी महादेव मंदिर का है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मंदिर घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिसके चलते यहां अक्सर वन्यजीव घूमते रहते हैं.
लेकिन इस बार भालू के मंदिर के भीतर तक पहुंचने की सबसे बड़ी वजह भगवान भोलेनाथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाले शुद्ध घी और मीठे शहद की तेज खुशबू है. इस खुशबू के आकर्षण में खिंचे चले आते हुए ये हिंसक जंगली जानवर सीधे मंदिर के स्टोर रूम और परिसर तक पहुंच रहे हैं, जिससे वहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
पहाड़ियों पर पानी और भोजन की भारी किल्लत
इस मामले (Bear in Mahadev Temple Viral) को लेकर स्थानीय श्रद्धालु अमृत लाल सुथार ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि इस समय पड़ रही भीषण गर्मी के मौसम में पहाड़ियों पर पानी के प्राकृतिक स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं और वन्यजीवों के लिए भोजन की भी भारी किल्लत हो गई है.
इसी वजह से ये जानवर पानी और खाने की तलाश में नीचे आबादी वाले क्षेत्रों और पहाड़ी पर बने मंदिरों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके साथ ही गर्मी के चलते दोपहर के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी कम रहती है, जिसका फायदा उठाकर ये जंगली जानवर आसानी से परिसर के भीतर दाखिल हो जाते हैं.
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सीसीटीवी में लगातार कैद हो रही हैं खौफनाक तस्वीरें
श्रीराज राजेश्वरजी महादेव मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में सिर्फ भालू ही नहीं, बल्कि कई बार तेंदुए की चहलकदमी भी लगातार कैद हो रही है. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद से मंदिर के पुजारी और दर्शन करने आने वाले भक्तों की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है.
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने अब प्रशासन और वन विभाग से गुहार लगाई है कि इस अतिप्राचीन मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, पिंजरा लगाया जाए और गश्त बढ़ाई जाए ताकि किसी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोका जा सके और मंदिर की पवित्रता व सुरक्षा दोनों कायम रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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