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बेंगलुरु से चेन्नई मात्र 73 मिनट में! रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया हाई-स्पीड रेल कॉम्प्लेक्स ‘आदित्य’ का उद्घाटन

बेंगलुरु के BEML टिप्पासांद्रा कैंपस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाई-स्पीड रेल के लिए बनाए गए ‘आदित्य’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया.

Union Minister Ashwini Vaishnav

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव. (फाइल फोटो)

आज (शनिवार) को बेंगलुरु के BEML के टिप्पासांद्रा कैंपस में एक अहम कार्यक्रम देखने को मिला, जहां केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहुंचे. इस दौरान उन्होंने हाई-स्पीड रेल तकनीक के लिए तैयार किए गए खास कॉम्प्लेक्स ‘आदित्य’ का उद्घाटन किया. यह सुविधा खास तौर पर भारत में हाई-स्पीड रेल के निर्माण और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए तैयार की गई है.

मंत्री ने इस मौके पर कहा कि हाई-स्पीड रेल तकनीक बेहद जटिल और उन्नत होती है, लेकिन भारत अब इसे स्वदेशी स्तर पर विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उनके मुताबिक, यह कदम देश की इंजीनियरिंग क्षमता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

अश्विनी वैष्णव ने हाई-स्पीड रेल के असर को समझाते हुए कहा कि आने वाले समय में बड़े शहर एक-दूसरे के इतने करीब महसूस होंगे जैसे वे एक ही विस्तार का हिस्सा हों. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा का समय घटकर सिर्फ 73 मिनट रह जाएगा. यानी लोग सुबह एक शहर से निकलकर कुछ ही समय में दूसरे शहर में पहुंच सकेंगे.

उनका कहना था कि इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी.

नई ट्रेनों और कनेक्टिविटी पर फोकस

इस दौरे के दौरान मंत्री ने रेलवे से जुड़ी कई नई योजनाओं की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जल्द ही हुबली के रास्ते एक नई मेल एक्सप्रेस ट्रेन LHB कोच के साथ शुरू की जाएगी. इसके अलावा, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को भी यात्रियों के लिए जल्द लाने की तैयारी है.

दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. खास तौर पर मंगलुरु और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए जरूरी तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं.

तकनीक और पर्यावरण दोनों पर ध्यान

मंत्री ने यह भी बताया कि तटीय इलाकों की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा के लिए ऑटोमेटेड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है. साथ ही हासन-मंगलुरु सेक्शन का विद्युतीकरण भी पूरा किया जा चुका है.

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने BEML की इंजीनियरिंग टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम भारत के ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूत आधार दे रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ पर्यावरण और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखा जाए.

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-भारत एक्सप्रेस 



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