लड़की से दुष्कर्म — सांकेतिक फोटो (सोशल मीडिया)
भोपाल के एक कॉलेज में छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं. आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने 3 से 5 मई के बीच भोपाल जाकर पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रतिनिधियों से मुलाकात की.
जांच में पाया गया कि छात्राओं को महंगे उपहार और मोटरसाइकिल देकर प्रेमजाल में फंसाया गया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया गया.
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला गया. आरोपियों की आर्थिक स्थिति सामान्य थी लेकिन उनका रहन-सहन बेहद विलासितापूर्ण था, जिससे ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क की आशंका जताई गई है.
आयोग ने यह भी सुझाव दिया है कि राज्य स्तर पर गहन जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या इस गतिविधि को किसी संगठन द्वारा वित्तीय सहायता मिल रही थी.
पुलिस प्रशासन से आयोग ने मांग की है कि आरोपियों पर संगठित अपराध की धाराओं में केस दर्ज किया जाए और पीड़िताओं को मानसिक स्वास्थ्य सहायता दी जाए. आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि सभी कॉलेजों को यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य किया जाए और आंतरिक शिकायत समितियों को प्रशिक्षित किया जाए.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी रिपोर्ट मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंप दी है और राज्य सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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