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CM नीतीश से अमीर तो उनके मंत्री हैं! साल के आखिरी दिन खुला संपत्ति का राज, दिल्ली में है करोड़ों का फ्लैट

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल के आखिरी दिन अपनी और मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया हैं.

रिपोर्ट- आशुतोष


बिहार की राजनीति में साल का आखिरी दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि हिसाब-किताब का भी होता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस साल भी इस परंपरा को निभाया है. 31 दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के साथियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी नीतीश कुमार की संपत्ति के आंकड़े चर्चा का विषय बना हुआ हैं, क्योंकि सूबे के मुखिया के पास कैश के नाम पर उतनी भी रकम नहीं है जितनी शायद एक आम मध्यमवर्गीय परिवार के जेब में मिल जाए.

घोषणा के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास नकद (Cash in hand) सिर्फ 2552 रुपये हैं. अगर उनके बैंक खातों की बात करें, तो उनके पास कुल तीन एक्टिव अकाउंट्स हैं. पटना सचिवालय स्थित SBI ब्रांच में उनके 27,217 रुपये जमा हैं, वहीं दिल्ली के पार्लियामेंट हाउस वाले SBI खाते में महज 3,358 रुपये हैं. इसके अलावा पीएनबी के एक खाते में 27,151 रुपये मौजूद हैं. एक मुख्यमंत्री के प्रोफाइल को देखते हुए यह आंकड़े काफी चौंकाने वाले और सादगी भरे लगते हैं.

वही पुरानी गाड़ी और दिल्ली में एक फ्लैट

नीतीश कुमार के पास लग्जरी कारों का कोई काफिला नहीं है. उनके हलफनामे के अनुसार, उनके पास आज भी वही फोर्ड इकोस्पोर्ट (Ford EcoSport) गाड़ी है, जिसकी कीमत करीब 11.32 लाख रुपये बताई गई है. वहीं गहनों के नाम पर उनके पास करीब 2 लाख 3 हजार रुपये की ज्वेलरी है.

अचल संपत्ति (Property) की बात करें तो दिल्ली के द्वारका इलाके में उनका एक फ्लैट है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1.48 करोड़ रुपये आंकी गई है. अगर उनकी कुल चल संपत्ति (Moveable Assets) को देखें तो वह करीब 17,66,196 रुपये बैठती है.

मंत्रियों ने भी खोला अपनी तिजोरी का राज

सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि बिहार सरकार के लगभग सभी मंत्रियों ने अपनी संपत्ति की डिटेल सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है. बिहार में यह नियम नीतीश कुमार ने ही लागू किया था कि हर साल के अंत में सभी मंत्रियों को अपनी संपत्ति सार्वजनिक करनी होगी. इस लिस्ट में कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जो संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री से कहीं ज्यादा अमीर हैं.

पारदर्शिता की एक अच्छी पहल

राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता के नजरिए से नीतीश सरकार की इस पहल को काफी सराहा जाता है. जहां अक्सर नेताओं पर बेहिसाब संपत्ति बनाने के आरोप लगते हैं, वहां साल के आखिरी दिन खुद आगे आकर अपनी पाई-पाई का हिसाब देना जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजता है. हालांकि, आलोचक हमेशा इन आंकड़ों पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड के मुताबिक नीतीश कुमार आज भी खुद को एक ‘साधारण’ वित्तीय स्थिति वाला मुख्यमंत्री ही दिखाते आए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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