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Explainer: प्रशांत किशोर बिहार के किस CD Ratio की बात कर रहे हैं, बिहार का कितना है?…समझिए 26 लाख करोड़ का पूरा गणित

प्रशांत किशोर लगभग हर इंटरव्यू और पॉडकास्ट में बिहार का सीडी रेशियो (CD Ratio) की बात कर रहे हैं. जन सुराज के संस्थापक का आरोप है कि बिहार के बैंकों का सीडी रेशियो बहुत कम है, जिस वजह से बिहार का पैसा दूसरे राज्यों में जा रहा है.

Bihar CD Ratio

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव बस कुछ महीने दूर है. सभी पार्टियों की तैयारियां, वादें और उनके नेताओं की बयानबाजी ज़ोर-शोर से चल रही है. पहली बार पार्टी बनी जन सुराज और उसके सर्वेसर्वा प्रशांत किशोर भी जमकर बयानबाजी कर रहे हैं.

पिछले कुछ महीनों से प्रशांत किशोर लगभग हर इंटरव्यू और पॉडकास्ट में बिहार के संदर्भ में बार-बार एक टर्म की बात कर रहे हैं वो है सीडी रेशियो. जन सुराज के संस्थापक का आरोप है कि बिहार के बैंकों का सीडी रेशियो बहुत कम है, जिस वजह से बिहार का पैसा दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है. प्रशांत किशोर ने अपने बयानों में कहा है कि बिहार का सीडी रेशियो कम होने से पिछले 30-35 सालों में बिहार का 26 लाख करोड़ रुपया दूसरे राज्यों में भेजा गया.

प्रशांत किशोर का एक बयान, ”बिहार में 1990 से लेकर सीडी रेशियो 40 फीसदी है. नतीजा, पूरे बिहार की गरीब जनता ने बैंकों में 4 लाख 61 हजार करोड़ जमा किया, इसका 75 फीसदी करीब 2 लाख 80 हजार करोड़ बिहार की जनता को मिलता चाहिए. लेकिन मिला 1 लाख 61 हजार करोड़. इसका असर ये है कि पिछले 30 वर्षो में बिहार के बैंकों ने बिहार से 26 लाख करोड़ रुपया दूसरे राज्यों में भेज दिया. यहां से पूंजी और बुद्धि दोनों का पलायन हो रहा है.”

तो आखिर ये सीडी रेशियो होता क्या है, बिहार का सीडी रेशियो अभी कितना है और क्या सच में बिहार का 26 लाख करोड़ बैंकों के ज़रिए दूसरे राज्यों में तला गया?

क्या होता है सीडी रेशियो?

क्रेडिट डिपॉजिट रेशियो (Credit Deposit Ratio) या सीडी रेशियो जिसे हम कर्ज-जमा अनुपात भी कहते हैं. यह बैंकिंग से जुड़ा एक टर्म है. इससे ये पता लगाया जाता है कि बैंक कुल जमा रुपयों में से कितना रुपया लोगों को कर्ज के तौर पर वापस दे रहा है. ऐसे समझें कि एक साल में किसी एक बैंक में 1 करोड़ जमा हुए और इसी अवधि में बैंक ने लोगों को 50 लाख का लोन दिया. इससे ये पता चलता है कि उस बैंक का सीडी रेशियो 50 है.

बिहार का सीडी रेशियो (Bihar CD Ratio) वर्ष 2024-25 में 58.59 रहा. इस वित्तिय वर्ष में बिहार के बैंकों में 5.41 लाख करोड़ रुपये जमा हुए और में 3.17 लाख करोड़ लोन के तौर पर दिया गया. इस दौरान सरकारी बैंकों का सीडी रेशियो 44.72 और प्राइवेट बैंकों का 103.64 प्रतिशत रहा.

हालांकि पिछले कुछ सालों में बिहार का सीडी रेशियो साल दर साल बढ़ रहा है. लेकिन अब भी यह राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है.

बीते 5 सालों में बिहार का CD रेशियो

  • 2019-20 43.02 %
  • 2020-21 46.40 %
  • 2021-22 52.96 %
  • 2022-23 55.64 %
  • 2023-24 58.50 %
  • 2024-25 58.59 %

साल 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के बैंकों ने कुल डिपॉजिट में 2.24 लाख करोड़ कम वापस किए. इसी तर्ज पर 1990 से साल दर साल कम वापस किए गए रुपयों को जोड़ने पर हम संभवत: 26 लाख करोड़ के आंकड़ें पर पहुंचेंगे, जिसके बारे में प्रशांत किशोर अक्सर बात कर रहे हैं.

बिहार में पूर्णिया जिले का सीडी रेशियो (CD Ratio) 94 प्रतिशत है. वहीं राजधानी पटना का 47.79 प्रतिशत ही है. पूरे बिहार में अरबन सीडी रेशियो 60.1 प्रतिशत है, जबकि ग्रामिण बिहार में सीडी रेशियो महज़ 35.3 प्रतिशत है.

क्या 58.59 प्रतिशत का आंकड़ा कम है?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश का सीडी रेशियो वर्तमान में 79.5 प्रतिशत है. 65-75 प्रतिशत के बीच का सीडी रेशियो आदर्श माना जाता है. रिजर्व बैंक भी इसे 65-75 प्रतिशत के बीच रखने के लिए प्रोत्साहित करता है. पर बिहार के अलावा कई राज्य ऐसे हैं जहां सीडी रेशियो बहुत हाई है.

एसएलबीसी इंडिया के डेटा के अनुसार, मार्च 2025 में आंध्र प्रदेश का सीडी रेशियो 155, तेलंगाना-128, तमिलनाडु-126, महाराष्ट्र-98, राजस्थान-97 गुजरात-86 और कर्नाटक का 77 प्रतिशत है.

बैंकिंग उपस्थिति में बढ़ोतरी के बावजूद सीडी रेशियो का कम होना सीमित ऋण पहुंच को दर्शाता है. विशेष रूप से ग्रामीण बिहार में ये तस्वीर और भी चिंताजनक है. इसका सीधा मतलब है कि बिहार में जमा रुपयों का लोन के रूप में राज्य के लोगों को नहीं मिल पा रहा है. इससे बिहार के विकास की गति पर प्रभाव पड़ रहा है.


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-भारत एक्सप्रेस 



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