Bihar Elections 2025: बिहार चुनाव में महज़ तीन महीने का समय बचा है और सत्ता पक्ष-विपक्ष एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर रहे हैं. पर इस बयानबाजी के बीच एक और महीन लकीर धीरे-धीरे चौड़ी हो रही है. मामला ये है कि चिराग पासवान (Chirag Paswan) लगातार बिहार की नीतीश सरकार पर हमला कर रहे हैं. हालांकि, चिराग की पार्टी खुद एनडीए गठबंधन का हिस्सा है.
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी -रामविलास (LJP-R)के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार (26 जुलाई) को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश (Nitish Kumar) सरकार पर तीखा प्रहार किया.
पटना में मीडिया से बात करते हुए चिराग ने बिहार में बढ़ते आपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे दुख है कि मैं एक ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं जहां अपराध बेलगाम हो गया है. इसे नियंत्रित करना जरूरी है, वरना परिणाम बहुत बुरे होंगे. यह यहां के लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है.”
उन्होंने प्रशासन पर अपराधियों के आगे झुकने का आरोप लगाते हुए कहा, “राज्य में एक के बाद एक हत्या, रेप, गैंग रेप, डकैती, सेंधमारी, चोरी और छेड़छाड़ जैसे अपराध हो रहे हैं. हालांकि कार्रवाई और गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि राज्य में ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं?”
अपराध रोकना सरकार की जिम्मेदारी
हालांकि, चिराग पासवान ने भी इनकार नहीं किया कि चुनाव नज़दीक आते ही सरकार को बदनाम करने के लिए अपराध की साजिश रची जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर ये भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की ही ज़िम्मेदारी है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भले ही ये अपराध सरकार को बदनाम करने के लिए हों, सरकार को इन्हें रोकना चाहिए. या तो प्रशासन का इसमें हाथ है, या वह इन घटनाओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है, या वह पूरी तरह से नाकाम हो गया है. स्थिति खतरनाक होती जा रही है.”
चिराग ने राज्य सरकार से अपील की: “मैं बिहार सरकार से अनुरोध करता हूं कि बहुत देर होने से पहले कार्रवाई करे.”
बोलने से पहले अपने अंदर झांकना चाहिए: JDU
वहीं चिराग के बयान के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को अपनी पार्टी में अपराधियों को शामिल करना बंद कर देना चाहिए.
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बिना नाम लिए कहा, “टिप्पणी करने से पहले लोगों को अपने अंदर झांकना चाहिए. जो लोग बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अपराधियों को अपनी पार्टी में शामिल होने से रोकना चाहिए. अगर आपको लगता है कि किसी को सलाह देना और उसकी आलोचना करना ही काफ़ी है, तो ऐसा नहीं है.”
उन्होंने आगे कहा, “कोई भी राज्य अपराध मुक्त नहीं हो सकता और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार पुलिस आरोपियों के खिलाफ कैसे कार्रवाई करती है और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करती है. बिहार में 100 से ज़्यादा फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं. बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का हमेशा से दबदबा रहा है और आगे भी रहेगा.”
पिछले कुछ दिनों में पटना में बढ़ा अपराध
पिछले कुछ दिनों में बिहार में, खासकर पटना में, मर्डर और रेप जैसी घटनाएं सामने आई है. शुक्रवार को गया में एक एम्बुलेंस में दो लोगों ने होमगार्ड की एक महिला अभ्यर्थी के साथ गैंग रेप किया. पिछले 30 दिनों में, पटना के हाई-प्रोफाइल पारस अस्पताल के अंदर पांच हथियारबंद लोगों ने एक गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी.
इससे पहली पटना में ही बिजनेसमैन गोपाल खेमका की उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके अलावा शहर के दुल्हिन बाजार में बालू व्यापारी रमाकांत यादव की हत्या हुई और किराना व्यापारी विक्रम झा की भी हत्या कर दी गई.
-भारत एक्सप्रेस
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