रिपोर्ट- आशुतोष
बिहार में सरकारी आवास को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद एक बार फिर चर्चा में है. विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच राज्य की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने खुलकर जवाब दिया है. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी बंगलों का आवंटन पूरी तरह तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किया जा रहा है और इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक भावना या पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है.
मंत्री ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए अब तक आवंटित किए गए सरकारी आवासों की जानकारी भी साझा की. उनका कहना था कि सरकार सभी पात्र लोगों को नियमों के अनुसार आवास उपलब्ध करा रही है और किसी के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा रहा है.
नंद किशोर राम को मिला आवंटन
इस दौरान पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले का मुद्दा भी सामने आया. यह वही आवास है जिसे लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है. लेसी सिंह ने स्पष्ट किया कि अब इस बंगले की श्रेणी मंत्री आवास के रूप में निर्धारित है. इसी आधार पर इसे डेयरी एवं मत्स्य मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है.
मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को उनकी संवैधानिक हैसियत के अनुसार नया सरकारी आवास पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है. उन्हें पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास का आवंटन किया गया है, जहां वे रह सकती हैं.
सरकार की ओर से यह संकेत भी साफ तौर पर दिया गया है कि पुराने बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. लेसी सिंह ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को नियमों का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने राबड़ी देवी से भी आग्रह किया कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए मौजूदा सरकारी बंगला खाली कर दें.
मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है और संबंधित आवास को हर हाल में खाली कराया जाएगा. उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सरकारी आवासों के आवंटन और नियमों के पालन को लेकर बहस तेज होने की संभावना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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