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Bihar: CM नीतीश कुमार की पहल रगं लाई, शेखपुरा की बहनों ने ‘जीविका’ के जरिए जिंदगी बदलने की कहानी बताई

शेखपुरा में महिला संवाद कार्यक्रम में जीविका ने बदली महिलाओं की जिंदगी. संवाद रथ से योजनाओं की जानकारी, रोजगार और शिक्षा से सशक्ती. महिलाओं ने साझा किए अनुभव.

Mahila Samvad
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 अप्रैल 2025 को पूरे राज्य में महिला संवाद कार्यक्रम शुरू किया, जिसका लक्ष्य महिलाओं का सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाना है. शेखपुरा जिले के चार प्रखंडों – अरियरी, बरबीघा, चेवाड़ा और सदर – में एलईडी स्क्रीन युक्त संवाद रथ गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक कर रहे हैं. यह पहल महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी आकांक्षाओं को समझने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है.

जिले में यह कार्यक्रम रोजाना दो पालियों – सुबह 9 से 11 बजे और शाम 4 से 6 बजे – में आयोजित हो रहा है. प्रत्येक पंचायत के जीविका ग्राम संगठनों में कम से कम 250 महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं. संवाद रथ के जरिए वीडियो फिल्मों, मुख्यमंत्री के संदेश पत्र और योजनाओं से संबंधित लीफलेट के माध्यम से जानकारी दी जा रही है. यह कार्यक्रम महिलाओं के अनुभव और सुझाव सुनने का भी मंच प्रदान कर रहा है.

सरकारी योजनाओं की अपेक्षाओं पर चर्चा

सदर प्रखंड के कटारी पंचायत के मुरारपुर गांव में नर्मदा जीविका महिला ग्राम संगठन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक ने हिस्सा लिया. उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं के लाभ और उनकी अपेक्षाओं पर चर्चा की. महिलाओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि इन योजनाओं ने उनके जीवन को कैसे बदल दिया.

शेखपुरा के जिलाधिकारी आरिफ अहसन ने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिला संवाद कार्यक्रम पूरे बिहार में चल रहा है. इसका उद्देश्य पिछले 20 वर्षों में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए शुरू योजनाओं की जानकारी देना और लाभान्वित महिलाओं के अनुभव सुनना है. हम उनकी आकांक्षाओं और सुझावों के आधार पर भविष्य में बेहतर योजनाएं बनाएंगे. यह समाज को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.”

महिलाओं का उत्साह सफलता को दर्शाता

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने जीविका मिशन के प्रभाव को साझा किया. रानी कुमारी ने बताया, “जीविका से जुड़ने के बाद मुझे रोजगार मिला. अब मैं अपने बच्चों को स्कूल भेज पाती हूं. छात्रवृत्ति और मिड-डे मील योजनाओं ने बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाया.” उन्होंने बताया कि साइकिल योजना और छात्रवृत्ति ने उनकी बेटी की शिक्षा को सुगम बनाया, और स्कूलों में भोजन की व्यवस्था ने बच्चों के पोषण का ध्यान रखा.

एक अन्य महिला ने कहा, “समूह से जुड़ने के बाद हमें आर्थिक सहायता और लोन मिला, जिससे हमने घर बनाया और छोटे रोजगार शुरू किए. पहले मुश्किलें थीं, लेकिन विधवा पेंशन और साइकिल योजना ने जिंदगी आसान बनाई.”

महिला संवाद कार्यक्रम महिलाओं को अपनी बात रखने और नीति-निर्माण में योगदान देने का मंच दे रहा है. शेखपुरा में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और महिलाओं का उत्साह इसकी सफलता को दर्शाता है. जीविका के माध्यम से महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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