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जिंदा बाप बना ‘भूत’! भू-माफिया ने डकारी करोड़ों की जमीन, सवालों में बिलासपुर रजिस्ट्री ऑफिस और थाना

Land Fraud in Bilaspur: बिलासपुर में भू-माफिया ने जीवित मनीष शुक्ला को कागजों में मृत घोषित कर बच्चों की करोड़ों की जमीन हड़प ली है. इस मामले में सकरी पुलिस ने 1 महीने बाद भी FIR नहीं लिखी. अब मामला SP के पास पहुंचा है.

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Land Fraud in Bilaspur: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में भ्रष्टाचार और सिस्टम की नाकामी का एक ऐसा रोंगटे खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित इंसान खुद को जिंदा साबित करने के लिए ‘लाश’ की तरह दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. यहां भू-माफियाओं का हौसला इतना बुलंद है कि उन्होंने नाबालिग बच्चों की करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए उनके जीवित पिता को ही सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया. अब यह पीड़ित पिता पुलिस और प्रशासन के सामने अपनी सांसों का सबूत लेकर खड़ा है, लेकिन सिस्टम की आंखें बंद हैं.

कागजों में मौत, हकीकत में दौड़ (Bilaspur Land Fraud)

मामला सकरी थाना क्षेत्र का है. रायगढ़ निवासी मनीष कुमार शुक्ला के तीन नाबालिग बच्चों के नाम पर सकरी इलाके में बेशकीमती जमीन थी. आरोप है कि जांजगीर-चांपा निवासी भू-माफिया अखिलेश कुमार पांडेय और उसके साथियों ने एक गहरी साजिश रची. उन्होंने दस्तावेजों में हेराफेरी कर मनीष शुक्ला को ‘स्वर्गीय’ (मृत) बता दिया और उनके नाबालिग बच्चों की जमीनों की रजिस्ट्री करवा ली. हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में रजिस्ट्री कार्यालय से लेकर राजस्व विभाग तक, किसी ने भी इस फर्जीवाड़े को नहीं पकड़ा, जो मिलीभगत की ओर इशारा करता है.

थाने की दहलीज पर ‘जिंदा लाश’

मनीष शुक्ला का आरोप है कि वे 22 दिसंबर से लगातार सकरी थाने के चक्कर काट रहे हैं. पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए, दस्तावेज भी लिए, लेकिन एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई. रसूखदारों के दबाव में पुलिस पीड़ित को ही टाल रही है. थक-हारकर अब मनीष शुक्ला ने एसपी (SP) कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है.

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माफिया का सिंडिकेट (Land Mafia In Bilaspur)

यह मामला सिर्फ एक जमीन के टुकड़े का नहीं, बल्कि उस सिंडिकेट का है जो प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है. जीवित व्यक्ति को मृत बताकर जमीन बेचना बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है. अब सवाल यह है कि क्या बिलासपुर पुलिस इस ‘जिंदा लाश’ को न्याय दिला पाएगी या भू-माफियाओं का रसूख कानून पर भारी पड़ेगा?



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