Rahul Gandhi Defamation Case: आशुतोष मिश्रा/सुल्तानपुर | गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट से फौरी राहत तो मिल गई है, लेकिन तलवार अभी भी लटकी हुई है. रविवार (19 जनवरी) को इस मामले में राहुल गांधी को अपना बयान दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होना था, लेकिन वे अदालत नहीं पहुंचे. उनकी गैरमौजूदगी पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे ‘अंतिम अवसर’ करार दिया है और अब अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है.
‘अब बहाना नहीं चलेगा’
स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी का धारा 313 (CrPC) के तहत बयान दर्ज होना बेहद अहम है. इस प्रक्रिया में आरोपी को अपने खिलाफ पेश किए गए सबूतों पर सफाई देने का अधिकार मिलता है, जिसके लिए उसकी शारीरिक उपस्थिति जरूरी है. अदालत ने राहुल गांधी के वकील की ओर से दिए गए स्थगन प्रार्थना पत्र को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन साफ लफ्जों में कहा कि 20 फरवरी को राहुल गांधी को हर हाल में कोर्ट में हाजिर होना होगा.
क्या है पूरा मामला? (Defamation Case Against Rahul Gandhi)
यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव का है. आरोप है कि बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. सुल्तानपुर के बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने इसे आहत करने वाला बताते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया था. राहुल गांधी फिलहाल जमानत पर हैं, लेकिन आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत चल रहे इस मुकदमे में सजा का भी प्रावधान है.
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क्या है सुनवाई की अपडेट (Rahul Gandhi Hearing Update)
वकील की दलील राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में दलील दी कि “पूर्व निर्धारित आवश्यक कार्यक्रमों की वजह से राहुल गांधी आज (19 जनवरी) उपस्थित नहीं हो सके.” उन्होंने अगली तारीख की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकारते हुए 20 फरवरी तय की. अब सबकी नजरें अगली तारीख पर हैं, क्योंकि यह कोर्ट द्वारा दिया गया आखिरी मौका है.
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