देश की रक्षा की प्रथम पंक्ति माने जाने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने शुक्रवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में अपना 22वां अलंकरण समारोह भव्य रूप से मनाया. इस अवसर पर भारत सरकार के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने बल के वीर जवानों को उनकी बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए पदकों से अलंकृत किया.
इस समारोह में बीएसएफ के कुल 26 सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिनमें 4 जवानों को ‘वीरता पुलिस पदक’ और 22 जवानों को ‘सराहनीय सेवा पदक’ से सम्मानित किया गया. वीरता पदक पाने वालों में उप निरीक्षक अनुराग रंजन, मुख्य आरक्षक अब्दुल हमीद राथर, आरक्षक अमरजीत सिंह और नवजोत सिंह शामिल रहे.
ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ की भूमिका का विशेष उल्लेख
कार्यक्रम की शुरुआत में महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने सभी उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बल के 2003 वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद बीएसएफ द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र किया, जिसमें बीएसएफ ने न केवल सीमापार ड्रोन घुसपैठ को रोका, बल्कि पाकिस्तान की गोलीबारी का भी करारा जवाब दिया. इस ऑपरेशन में बल के कई जवान घायल भी हुए थे, जिनकी बहादुरी को सराहा गया.

गृहमंत्री अमित शाह ने की जवानों की सराहना
मुख्य अतिथि श्री अमित शाह ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बल के साहसी और समर्पित कार्य की सराहना की. उन्होंने कहा, “जब बीएसएफ सीमाओं पर खड़ी होती है, तब देश के नागरिक चैन की नींद सोते हैं. यह बल न केवल सीमाओं की रक्षा करता है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों को भी बहादुरी से सामना करता है.”
उन्होंने बीएसएफ को भारत का ‘सीमा सुरक्षा का स्वर्णिम कवच’ बताते हुए बल के विकास, प्रशिक्षण और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया.
के.एफ. रुस्तमजी को श्रद्धांजलि
इस समारोह का आयोजन बीएसएफ के पहले महानिदेशक पद्म विभूषण के.एफ. रुस्तमजी की स्मृति में किया जाता है. उन्हें बल के संस्थापक के रूप में सम्मानित करते हुए, महानिदेशक चौधरी ने उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता की सराहना की और कहा कि उन्हीं के मार्गदर्शन से बीएसएफ आज दुनिया के अग्रणी सीमा सुरक्षा बलों में गिना जाता है.

सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित
इस समारोह में सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले बीएसएफ के 22 सदस्यों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया. इसमें सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों प्रकार के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें डॉ. आशीष कुमार (महानिरीक्षक, चिकित्सा), श्री राज कुमार नेगी (उप-महानिरीक्षक), और श्री विजय कुमार शुक्ला (सेवानिवृत्त निरीक्षक) जैसे नाम शामिल हैं.
यह अलंकरण समारोह न केवल सीमा सुरक्षा बल के शौर्य और समर्पण को सम्मानित करने का अवसर रहा, बल्कि यह पूरे देश के लिए यह संदेश भी रहा कि जब तक बीएसएफ जैसी वीर और निष्ठावान फोर्स हमारी सीमाओं की रक्षा कर रही है, तब तक भारत की संप्रभुता अटूट और अडिग है.
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-भारत एक्सप्रेस
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