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Budget 2026: केरल-तमिलनाडु को मिला ‘माइनिंग कॉरिडोर’ का तोहफा, टेक्सटाइल और MSMEs के लिए वित्त मंत्री का बड़ा एलान

दक्षिण भारत के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए बजट में माइनिंग कॉरिडोर और मैन्युफैक्चरिंग हब पर जोर दिया गया है. वित्त मंत्री ने आर्थिक विकास के 6 मुख्य स्तंभों का रोडमैप पेश करते हुए पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के कायाकल्प और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है.

Budget 2026, Nirmala Sitharaman, Mining Corridor

Budget 2026 की घोषणाओं के बीच दक्षिण भारत के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में केरल और तमिलनाडु के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक खास ‘माइनिंग कॉरिडोर’ बनाने का बड़ा एलान किया है. इस कदम से न केवल खनन के क्षेत्र में तेजी आएगी, बल्कि इन राज्यों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

इसके साथ ही, तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के मकसद से देश में दो हाईटेक टूल रूम भी स्थापित किए जाएंगे, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होंगे.

कपड़ा और छोटे उद्योगों को मिली नई ताकत

वित्त मंत्री का ध्यान सिर्फ भारी उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि आम आदमी से जुड़े कपड़ा (Textile) सेक्टर पर भी रहा. उन्होंने इस क्षेत्र के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी स्कीम की घोषणा की है, जिससे हमारे बुनकरों और गारमेंट फैक्ट्रियों को ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने में मदद मिलेगी.

वहीं, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को ‘चैंपियन’ बनाने का विजन पेश किया गया है. सरकार का मानना है कि जब तक देश के छोटे कारोबारी मजबूत नहीं होंगे, तब तक आर्थिक विकास की गति को बनाए रखना मुमकिन नहीं है.

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विकास के 6 मुख्य स्तंभ

निर्मला सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को टिकाऊ और तेज बनाने के लिए 6 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीधे हस्तक्षेप की बात कही है. उन्होंने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य केवल नया बनाना नहीं, बल्कि पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना भी है, ताकि वे आज की जरूरतों के हिसाब से काम कर सकें. इसके अलावा-

मैन्युफैक्चरिंग: 7 रणनीतिक क्षेत्रों में उत्पादन को कई गुना बढ़ाने पर जोर.

इन्फ्रास्ट्रक्चर: बुनियादी ढांचे को ऐसी गति देना जिससे व्यापार करना आसान हो.

सुरक्षा और स्थिरता: लंबे समय तक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतियां.

शहरी विकास: शहरों को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना ताकि वहां से रेवेन्यू और नौकरियां दोनों निकलें.

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-भारत एक्सप्रेस



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