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आतंकवाद का कैंसर अब पाकिस्तान के राजनीतिक तंत्र को खा रहा है: विदेश मंत्री S. Jaishankar

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद का कैंसर पाकिस्तान के राजनीतिक तंत्र को खा रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने वर्षों तक आतंकवाद को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया.

S. jaishankar

विदेश मंत्री एस. जयशंकर.

S. Jaishankar Statement: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि आतंकवाद का कैंसर, जिसे पाकिस्तान ने कई दशकों तक पोषित किया, अब उसके अपने राजनीतिक तंत्र और समाज को खा रहा है. जयशंकर ने यह बयान एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बोलते हुए दिया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान ने वर्षों तक आतंकवाद को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन अब वह इसके दुष्प्रभावों का सामना कर रहा है.

जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद का जो जहर पाकिस्तान ने दूसरों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए पाला, वह अब उसकी अपनी राजनीतिक व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को बर्बाद कर रहा है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ हमेशा सख्त और स्पष्ट रुख अपनाता रहा है और इसकी आलोचना करता रहा है.

पाकिस्तान की स्थिति पर भारत का रुख

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान में बढ़ते राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवाद के प्रसार को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादी समूहों को खुले तौर पर समर्थन दिया, उन्हें सुरक्षित पनाहगाहें प्रदान कीं और उन्हें अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया. आज वही आतंकवादी समूह पाकिस्तान की कानून व्यवस्था और शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं.

जयशंकर ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने लंबे समय तक आतंकवाद के जख्म सहे हैं. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने आतंकवाद को एक सरकारी नीति की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन अब वह इसके खतरनाक परिणाम झेल रहा है.”

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों और इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त न करें. उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या इसे प्रायोजित करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को रोकने के लिए आर्थिक प्रतिबंध, कूटनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है.

पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता

पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में आतंकी हमलों में वृद्धि देखी गई है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे संगठन न केवल वहां की सेना बल्कि आम जनता को भी निशाना बना रहे हैं.

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति भी चरमरा चुकी है, जिससे उसकी राजनीतिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. ऐसे में जयशंकर ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया है कि उसे आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी और इसे अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बनाने से बचना होगा.
भारत का सख्त रुख.

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख से कभी समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि “भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा.”

जयशंकर का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह याद दिलाता है कि आतंकवाद किसी एक देश का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक चुनौती है, जिसे मिलकर हल करना होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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