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Cash-For-Query Case: निष्कासित लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा के कोलकाता स्थित परिसरों पर सीबीआई की छापेमारी

सीबीआई आज तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के परिसरों पर छापेमारी कर रही है. लोकपाल ने मंगलवार को सीबीआई को ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने का आदेश दिया था.

महुआ मोइत्रा

महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो)

सीबीआई कथित पूछताछ के बदले नकदी मामले में टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के कोलकाता स्थित आवासों और अन्य स्थानों पर तलाशी ले रही है. लोकपाल ने मंगलवार को सीबीआई को ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने का आदेश दिया था. लोकपाल ने 15 मार्च को सीबीआई से धारा 20(3)(ए) के तहत आरोपों की जांच करने और छह महीने के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा था. मामले में सीबीआई को हर महीने जांच की स्थिति के बारे में आवधिक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा गया था. सीबीआई ने पहले लोकपाल के संदर्भ पर मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की प्रारंभिक जांच की थी.

अधिकारियों ने कही यह बात

मामले को लेकर अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की एक टीम शनिवार तड़के कोलकाता और अन्य शहरों में महुआ मित्रा के ठिकानों पर पहुंची और छापेमारी प्रक्रिया की जानकारी देकर कार्रवाई शुरू की. उन्होंने बताया कि सीबीआई ने लोकपाल के निर्देश पर बृहस्पतिवार को मोइत्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. लोकपाल ने एजेंसी को छह महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.

 कैश-फॉर-क्वेरी मामले में मोइत्रा को किया गया था निष्कासित

मोइत्रा को पिछले साल दिसंबर में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था, जब सदन ने अपनी आचार समिति की रिपोर्ट को अपनाया था, जिसमें उन्हें कैश फॉर क्वेरी मामले में उनके खिलाफ आरोपों का दोषी ठहराया गया था. पूर्व सांसद ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अडानी समूह के सौदों के बारे में सवाल उठाए हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने “संसद में प्रश्न पूछने” के लिए दुबई स्थित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से “नकद और उपहार” स्वीकार किए थे. इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली HC ने महुआ मोइत्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निशिकांत दुबे, जय देहाद्राई को कैश-फॉर-क्वेरी मामले में आरोप लगाने से रोकने की मांग की गई थी.

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