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मुंबई NCLT में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़, डिप्टी रजिस्ट्रार समेत दो लोग तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

सीबीआई ने एनसीएलटी मुंबई के डिप्टी रजिस्ट्रार चरण प्रताप सिंह और निजी व्यक्ति कारसन गणेश आहिर को तीन लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई न्यायिक संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है.

NCLT Mumbai

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच के डिप्टी रजिस्ट्रार श्री चरण प्रताप सिंह और एक निजी व्यक्ति श्री कारसन गणेश आहिर को रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक मामले को शिकायतकर्ता के पक्ष में निपटवाने के लिए तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से एक लाख रुपये नकद और बाकी दो लाख रुपये डमी नोटों के रूप में थे.

CBI ने इस संबंध में 14 मई 2025 को मामला दर्ज किया था. शिकायतकर्ता के अनुसार, वह एक होटल का मालिक है और अपने भाइयों के साथ संपत्ति विवाद में उलझा है, जो कि 2 नवंबर 2020 से एनसीएलटी मुंबई की कोर्ट नंबर IV में लंबित है. आरोप है कि डिप्टी रजिस्ट्रार चरण प्रताप सिंह ने 11 मई 2025 को 3.5 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में यह राशि तीन लाख रुपये पर तय हुई.

NCLT में लंबित संपत्ति विवाद बना रिश्वतखोरी का कारण

CBI ने जाल बिछाकर आरोपी निजी व्यक्ति को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. इसके बाद डिप्टी रजिस्ट्रार को भी मामले में संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया. CBI द्वारा मुंबई और लखनऊ में आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है.

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आज, 29 मई 2025 को मुंबई की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा. यह कार्रवाई सरकारी संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ी चोट है और CBI द्वारा न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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