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धधक उठा फ्रांस! पेरिस से ल्यों तक बवाल, सड़कों पर उतरे लाखों छात्र

France Student Protests: फ्रांस में स्कूलों में सुधार सहित कई मांगों को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब आंदोलन बन चुका है. मंगलवार को पेरिस सहित देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

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फ्रांस में पेरिस सहित देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे.

France Student Protests: फ्रांस में स्कूलों में सुधार सहित कई मांगों को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब आंदोलन बन चुका है. मंगलवार को पेरिस सहित देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. कई जगहों पर छात्रों पर लाठीचार्ज भी हुए. बताया जा रहा है कि इन प्रदर्शनों में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.

छात्रों की ये रैलियां पेरिस, मार्से, नांत और ल्यों समेत कई शहरों में रैलियां निकाली गईं. पेरिस में सबसे बड़ा प्रदर्शन किया गया, यहां पर हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर हाथों में तख्तियां लेकर उतर आए और मैक्रों सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. हालांकि कई इलाकों में हालात बिगड़ने की वजह से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई.

215 छात्र और 85 स्कूल कर्मचारी घायल

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा है कि इस आंदोलन के शुरू होने के बाद से अबतक 215 छात्र और 85 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं. उन्होंने इसे फ्रांस की शिक्षा व्यवस्था के लिए ‘दशकों का सबसे भारी संकट’ करार दिया.

वहीं माहौल खराब होता देख राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को शीर्ष मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई. राष्ट्रपति हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया. जिसके बाद कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 6 हजार से ज्यादा हो गई है. इनमें बड़ी संख्या में नाबालिग छात्र हैं. बताया जा रहा है कि इनपर मुकदमे भी शुरू हो गए हैं.

ये है प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर किया जाए और जर्जर इमारतों की मरम्मत कराया जाए. छात्र ये भी चाहते हैं कि स्कूल में पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनाया जाए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो सिर्फ अच्छी शिक्षा चाहते हैं लेकिन उसके बजाय उन्हें सड़कों पर धकेला जा रहा है.

सैकड़ों स्कूल जर्जर

बता दें कि, फ्रांस में स्कूली शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है. देश में मौजूद कुल 3,700 हाई स्कूलों में से 900 से ज्यादा स्कूल बंद होने के कगार पर हैं. कई स्कूलों की मरम्मत सालों से नहीं हुई है, जिसकी वजह से वो जर्जर हो चुके हैं. वहीं स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पद भी लगातार सवालों के घेरे में है.

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पुलिस पर प्रदर्शनकारियों पर ज्यादा बल प्रयोग करने के भी आरोप लगे हैं. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने फ्रांसीसी अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग रोकने की माग की है.

-भारत एक्सप्रेस



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