केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल के मैनपुरी में तैनात जूनियर इंजीनियर (टेलीकॉम) वेद प्रकाश चौबे को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. यह राशि ₹4 लाख की अवैध मांग की गई घूस की पहली किस्त थी, जो एक निजी कंपनी से उसके ₹20 लाख के लंबित बिल पास कराने के बदले मांगी गई थी.
CBI ने यह कार्रवाई 3 जून 2025 को दर्ज की गई शिकायत के आधार पर की, जिसमें निजी कंपनी ने आरोप लगाया था कि उसने फर्रुखाबाद से सिकोहाबाद के बीच रेलवे लाइन के साथ 6-क्वाड पॉली इंसुलेटेड जेली फिल्ड केबल बिछाने का कार्य किया था. कंपनी के अनुसार, जब उन्होंने भुगतान के लिए फाइल आगे बढ़ाने की मांग की, तो इंजीनियर ने ₹4 लाख की रिश्वत मांगी. इसके बाद CBI ने जाल बिछाकर वेद प्रकाश को ₹1 लाख की पहली किस्त लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया.
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के मैनपुरी स्थित आवास और कार्यालय पर भी तलाशी अभियान चलाया. वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है. अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी के खिलाफ पहले से कोई अन्य शिकायत या अवैध लेन-देन से जुड़ी जानकारी है या नहीं.
CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. यह कार्रवाई रेलवे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सीबीआई की कड़ी निगरानी को दर्शाती है और यह संकेत देती है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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