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मुंबई की ड्रग फैक्ट्री का मास्टरमाइंड UAE से गिरफ्तार, इंटरपोल के ज़रिए CBI ने रच दिया ऑपरेशन सक्सेस

CBI और इंटरपोल के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर कुब्बावाला मुस्तफा को UAE से भारत लाया गया. मेफेड्रोन ड्रग्स मामले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता है, जो वैश्विक समन्वय से संभव हो सकी.

Kubbawala Mustafa arrest

मुंबई पुलिस के वांछित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार ड्रग तस्कर कुब्बावाला मुस्तफा को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाने में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी सफलता पाई है. इंटरपोल के रेड नोटिस के जरिए करीब सात महीने की कड़ी मेहनत और वैश्विक समन्वय के बाद यह ऑपरेशन पूरा हुआ.

ड्रग फैक्ट्री का मास्टरमाइंड को कैसे लाया गया भारत?

अबूधाबी स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB-Abu Dhabi) के सहयोग से 11 जुलाई 2025 को आरोपी को भारत लाया गया. इसके लिए मुंबई पुलिस की चार सदस्यीय टीम 7 जुलाई को दुबई रवाना हुई थी और आखिरकार मुस्तफा को लेकर 11 जुलाई को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी. इससे पहले CBI ने इंटरपोल और NCB-Abu Dhabi के साथ मिलकर आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया और लगातार निगरानी रखी.

FIR नंबर 67/2024 के तहत कुब्बावाला मुस्तफा पर आरोप

FIR नंबर 67/2024 के तहत कुब्बावाला मुस्तफा पर आरोप है कि उसने विदेश में रहते हुए महाराष्ट्र के सांगली में सिंथेटिक ड्रग बनाने की फैक्ट्री संचालित की. वहां से 126 किलो से ज़्यादा मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद हुए, जिनकी बाज़ार में कीमत करीब 2.52 करोड़ रुपये है. इस मामले में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी थी और कोर्ट ने उसके नाम ओपन डेटेड गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ था.

मुंबई पुलिस की विशेष अपील पर CBI ने जारी करवाया रेड नोटिस

मुंबई पुलिस की विशेष अपील पर CBI ने 25 नवंबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया था. जून 2025 में NCB-Abu Dhabi ने जानकारी दी कि आरोपी को भारत लाने के लिए सुरक्षा टीम भेजी जा सकती है. इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम गठित हुई और बड़ी सफ़लता के साथ इस अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

क्या है रेड नोटिस?

इंटरपोल द्वारा प्रकाशित रेड नोटिस दुनियाभर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा जाता है ताकि ऐसे वांछित अपराधियों का पता लगाया जा सके. भारत में इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में CBI ‘BHARATPOL’ नेटवर्क के ज़रिए देश की सभी एजेंसियों से तालमेल रखती है. बीते कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से 100 से अधिक बड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में कामयाबी मिली है—और कुब्बावाला मुस्तफा की गिरफ्तारी इसी सिलसिले में एक और बड़ी कामयाबी है, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर एक बार फिर मुहर लगा दी है.

-भारत एक्सप्रेस 



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