सीबीईसी
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने करदाताओं को फर्जी और धोखाधड़ी समन से सावधान रहने की सलाह दी है. हाल ही में यह सामने आया है कि कुछ धोखेबाज लोग, निदेशालय सामान्य जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) कार्यालयों के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी समन जारी कर रहे हैं. ये समन करदाताओं को भ्रमित करने के लिए असली दस्तावेजों जैसे दिखाई देते हैं.
कैसे किया जा रहा है फर्जीवाड़ा?
धोखेबाज इन समनों में विभाग का आधिकारिक लोगो और दस्तावेज पहचान संख्या (DIN) का उपयोग कर रहे हैं, जो असली दस्तावेजों का रूप देता है. हालांकि, इन फर्जी समनों में इस्तेमाल किए गए DIN नंबर असली नहीं होते. इन्हें केवल दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए तैयार किया जाता है. इस प्रकार, कई करदाता इन नकली समनों को असली मानकर भ्रमित हो जाते हैं.
सीबीआईसी ने दी समाधान की सुविधा
सीबीआईसी ने करदाताओं को राहत देते हुए कहा है कि वे किसी भी समन, पत्र या नोटिस की प्रामाणिकता की जांच [सीबीआईसी की आधिकारिक वेबसाइट](https://esanchar.cbic.gov.in/DIN/DINSearch) पर मौजूद ‘VERIFY CBIC-DIN’ विकल्प का उपयोग करके कर सकते हैं. इस सुविधा के माध्यम से करदाता आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि समन या नोटिस असली है या नहीं.
फर्जी समन पर क्या करें?
यदि जांच के दौरान किसी करदाता को यह पता चलता है कि कोई समन, पत्र या नोटिस फर्जी है, तो इसे तुरंत संबंधित DGGI या CGST कार्यालय में रिपोर्ट किया जाना चाहिए. इससे विभाग को धोखेबाजों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
DIN की अनिवार्यता पर सर्कुलर
सीबीआईसी ने 5 नवंबर 2019 को सर्कुलर नंबर 122/41/2019-GST जारी किया था, जिसमें सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया था कि वे अपने द्वारा जारी किए गए प्रत्येक आधिकारिक संचार (जैसे समन, नोटिस और पत्र) में दस्तावेज पहचान संख्या (DIN) का उल्लेख करें. इस प्रक्रिया का उद्देश्य करदाताओं को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाना और विभागीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना है.
CBIC की अपील
CBIC ने करदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध दस्तावेज़ को सत्यापित करें और फर्जी समन या नोटिस पाए जाने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें. यह कदम न केवल करदाताओं को धोखाधड़ी से बचाएगा, बल्कि धोखेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.
CBIC ने करदाताओं को सतर्क रहने और विभागीय प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक होने की सलाह दी है. इस तरह की कार्रवाई न केवल धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगी, बल्कि करदाताओं का विश्वास भी मजबूत करेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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