देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान अब पर्यावरण की रक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. दुश्मनों से लड़ने के साथ-साथ वे प्रदूषण के खिलाफ भी जंग लड़ रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की पहल पर पिछले पांच सालों से चल रहे अभियान में अब तक 11 लाख जवानों ने मिलकर 7 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड बना दिया है.
अभियान की शुरुआत
जनवरी 2020 में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह योजना बनाई थी कि हर साल एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसी के तहत असम राइफल्स को चेरापूंजी और सोहरा पठार को फिर से हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी दी गई. तीन वर्षों में असम राइफल्स ने एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में करीब दस लाख पौधे लगाए और वहां की हरियाली को वापस लौटाने का काम किया.
देसी पौधों पर जोर
सुरक्षा बलों के कैंप और आसपास के इलाकों में नीम, पीपल, इमली, शीशम और बरगद जैसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं. कोशिश रहती है कि ऐसे पौधे लगाए जाएं जो सौ साल तक टिक सकें. इस अभियान का मकसद सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड को कम करके पर्यावरण को संतुलित करना भी है.
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गृहमंत्री की निगरानी
अमित शाह (Amit Shah) खुद इस अभियान में सक्रिय रहते हैं. वे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पौधे लगाते हैं और सुरक्षा बलों का उत्साह बढ़ाते हैं. कोलकाता में आम, चेरापूंजी में पिपली, गुरुग्राम और नांदेड़ में पीपल, बिहार के किशनगंज में नीम और जम्मू-कश्मीर में रुद्राक्ष जैसे पौधे उन्होंने लगाए हैं. इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय कमांडिंग अफसरों को दी गई है और शाह समय-समय पर उनकी रिपोर्ट भी लेते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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