देश में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और चावल की खुदरा कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कई कड़े व रणनीतिक कदमों का ऐलान किया. सरकार ने व्यापारियों और मिल मालिकों के लिए चावल व धान के स्टॉक का अनिवार्य साप्ताहिक खुलासा, दक्षिणी राज्यों को स्टॉक सीमा (Stock Limit) लागू करने का अधिकार, सब्सिडी वाले ‘भारत चावल’ का अतिरिक्त आवंटन और ‘ओपन मार्केट सेल स्कीम’ (OMSS-D) के तहत बिक्री का कोटा दोगुना करने का आदेश जारी किया है.
‘फूड स्टॉक पोर्टल’ पर हर शुक्रवार देना होगा 6 श्रेणियों का ब्योरा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा 6 नवंबर 2026 को जारी नए आदेश के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन, प्रोसेसर्स और मिल मालिकों को हर शुक्रवार अपने पास मौजूद स्टॉक की जानकारी अनिवार्य रूप से ‘फूड स्टॉक पोर्टल’ पर दर्ज करनी होगी. इस पोर्टल पर 6 श्रेणियों—बासमती चावल, प्रीमियम गैर-बासमती चावल, गैर-बासमती चावल, उसना चावल (पारबॉइल्ड राइस), टूटा हुआ चावल (ब्रोकन राइस) और धान (पैडी) का विवरण देना अनिवार्य होगा. सरकार ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने या पोर्टल पर पंजीकरण न कराने वाली इकाइयों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दक्षिणी राज्यों को 31 जनवरी 2027 तक स्टॉक लिमिट लगाने की छूट
जमाखोरी और अनुचित मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पांच प्रमुख दक्षिणी राज्यों—आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को आवश्यकतानुसार धान एवं चावल पर स्टॉक लिमिट तय करने की विशेष अनुमति प्रदान कर दी है. यह छूट 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी, जिससे स्थानीय प्रशासन बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर सीधी कार्रवाई कर सकेगा.
‘भारत चावल’ का कोटा बढ़ा, OMSS का लक्ष्य 25 से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन
आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने सब्सिडी युक्त ‘भारत चावल’ का आवंटन बढ़ाने का निर्देश दिया है. इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED), राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) और केंद्रीय भंडार को अतिरिक्त चावल आवंटित किया गया है. इन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने वितरण नेटवर्क का विस्तार करें, विशेषकर दक्षिणी राज्यों में जहां खुदरा कीमतें अधिक बनी हुई हैं. इसके अतिरिक्त, केंद्र ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ओएमएसएस-डोमेस्टिक के तहत चावल बिक्री का लक्ष्य 25 लाख मीट्रिक टन (LMT) से बढ़ाकर सीधे 50 LMT कर दिया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 तक ई-नीलामी के जरिए पहले ही 25 एलएमटी चावल निजी खरीदारों को बेचा जा चुका है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में दोगुने से भी अधिक है.
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