छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान हुए आईईडी धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धनेश राम ध्रुव उर्फ गुरु जी और रामस्वरूप मरकाम शामिल हैं. ये दोनों सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों के सहयोगी थे और 17 नवंबर 2023 को गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में हुए आईईडी धमाके को अंजाम देने वालों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल थे. यह धमाका छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान दल और सुरक्षा कर्मियों की वापसी के दौरान किया गया था, जिसमें आईटीबीपी के एक हेड कांस्टेबल शहीद हो गए थे.
NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
एनआईए की जांच में पता चला है कि यह हमला सीपीआई (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के सदस्य गणेश उइके और मनोज तथा स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य सत्याम गवाड़े ने योजनाबद्ध तरीके से किया था. यह हमला माओवादी संगठन द्वारा चुनाव बहिष्कार के आह्वान के तहत किया गया था. धमाके को गोबरा दलम के कैडरों ने बड़ेगोबरा और छोटेगोबरा गांवों के ओजीडब्ल्यू के सहयोग से अंजाम दिया था.
इस मामले को पहले मैनपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसे 22 फरवरी 2024 को एनआईए ने अपने हाथ में लिया. एनआईए ने दिसंबर 2024 में इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और जांच अब भी जारी है. एनआईए की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान हुए आतंकी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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