Chirag Pashupati Paras Meeting: बिहार की राजनीति कब किस तरफ पलट जाएगी यह कोई नहीं बता सकता. अब सियासी गलियारों में चिराग पासवान को लेकर हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पैतृक गांव पहुंचे थे. जहां पर उन्होंने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के पैर छुए. चिराग पासवान के इस नए पॉलिटिकल मूव पर बिहार की राजनीति गर्म हो गई है. अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या चाचा-भतीजे एक बार फिर एक ही कश्ती पर सवार होने वाले हैं.
जब चिराग-पशुपति आए आमने-सामने
चिराग पासवान के चचेरे चाचा अर्जुन पासवान का बीते दिनों निधन हो गया था. जिसको लेकर चिराग सोमवार को खगड़िया जिले में अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे थे. जहां उन्होंने अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि दी. तभी उनके चाचा पशुपति पारस भी वहां पहुंच गए.
चिराग ने दिखाए संस्कार
चाचा पशुपति पारस को देखते ही चिराग पासवान आगे बढ़कर उनके पैर छुए. चिराग ने जहां अपने संस्कार का परिचय दिया तो वहीं पशुपति पारस ने भी सभी गिले-शिकवे भुलाकर उन्हें प्रेम से आशीर्वाद दिया.
क्या एक होने वाले हैं चाचा-भतीजा
इसके बाद दोनों चाचा-भतीजे ने लगभग 5 मिनट तक अकेले में बातचीत की. इस दौरान दोनों के चेहरे पर सकारात्मक भाव थे. हालांकि दोनों के बीच किस मुद्दे पर बातचीत हुई, इसका पता नहीं चला, लेकिन दोनों ने जिस तरह से एक-दूसरे से बातचीत की. उसने बिहार की राजनीति में एक बार फिर इस बात की हवा दे दी कि क्या दोनों चाचा-भतीजा एक बार फिर एक होने वाले हैं.
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बता दें कि, चिराग पासवान के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद लोजपा में दो फाड़ हो गए. जिसके बाद चाचा और भतीजे के बीच लंबी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई चली. जिसके बाद चिराग पासवान को लोजपा पार्टी और सिंबल से हाथ धोना पड़ गया. लंबे समय तक चली सार्वजनिक राजनीतिक लड़ाई के बाद दोनों के बीच अब दिख रही केमिस्ट्री पर राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है.
-भारत एक्सप्रेस
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