Deepak Soni Kidnapping
रिपोर्ट- जयप्रकाश शर्मा, डीडवाना
Deepak Soni Kidnapping: डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोरावड कस्बे में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला अंतरराष्ट्रीय फिरौती और अपहरण का हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है. यहां एक 26 वर्षीय युवक दीपक सोनी को अफ्रीका के कांगो (किंशासा) शहर में बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई और उसकी जान के बदले हिंदुस्तान में बैठे परिजनों से 25,00,000 रुपये की भारी-भरकम फिरौती वसूल ली गई.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मकराना थाने में भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई अब तक शून्य रही है. इस पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस से आगामी 15 तारीख तक अब तक की गई कार्रवाई का पूरा लेखा-जोखा तलब किया है.
नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजा
अदालत में पेश इस्तगासे और पीड़ित के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, अजमेर निवासी मुख्य आरोपी विजय राखानी (स्टारलाइट टूर एंड ट्रैवल्स) ने बोरावड निवासी दीपक सोनी को विदेश में मोटी सैलरी दिलाने का झांसा दिया था. बहकावे में आकर पीड़ित परिवार ने 1,00,000 रुपये नकद आरोपियों को दिए, जिसके बाद 6 मार्च 2026 को दीपक को डीआरसी (किंशासा) अफ्रीका की ‘STE GANIMOEX S.A’ कंपनी में भेज दिया गया.

वहां पहुंचते ही आरोपी विजय राखानी, राजेश पंजाबी, विजय पंजाबी, ओमप्रकाश और गजराज गौड़ ने एक सोची-समझी साजिश के तहत दीपक को एक कमरे में जबरन बंधक बना लिया. आरोपियों ने उसके साथ लात, घूंसों और डंडों से बेरहमी से मारपीट की, कई दिनों तक भूखा रखा, उसका आईफोन छीन लिया और जबरन कई खाली कागजों व स्टांप पर हस्ताक्षर करवा लिए.
जान बचाने को मां ने बेचे सोने के जेवरात
पीड़ित दीपक ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर 22 मार्च 2026 को मकराना पुलिस को ऑनलाइन शिकायत भेजी. इसकी भनक लगते ही मुख्य आरोपी विजय राखानी ने बोरावड आकर पीड़ित के परिवार को खुलेआम धमकाया कि वे बेहद रसूखदार और खतरनाक लोग हैं, पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती.
आरोपी ने धमकी दी कि अगर 2 दिन में 25,00,000 रुपये की फिरौती नहीं मिली तो दीपक को जान से मार दिया जाएगा. इधर, बेटे की जान बचाने के लिए उसकी मां हीरामणी देवी ने अपने सोने के जेवरात बेचकर 3,00,000 रुपये आरोपियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए.
इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को दीपक के परिजन अजमेर स्थित आरोपियों के निवास स्थान पहुंचे और वहां 21,00,000 रुपये नकद सौंपे, जिसका परिजनों ने चोरी-छिपे वीडियो बना लिया. यही नहीं, आरोपियों ने डरा-धमकाकर पीड़ित की बहन ज्योति से 3 खाली ब्लैंक चेक पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए.
पैसे मिलते ही सुबह कराई फ्लाइट
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब फिरौती की रकम और चेक ऐंठने के तुरंत बाद आरोपियों ने 6 अप्रैल 2026 को दीपक की भारत के लिए फ्लाइट करवा दी और वह सकुशल घर लौट आया. परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने उन पर दबाव बनाने के लिए यह कहानी गढ़ी थी कि दीपक ने अफ्रीका में कोई आर्थिक घपला किया है.
कानूनी विशेषज्ञों और पीड़ित परिवार का सवाल है कि यदि युवक ने वाकई विदेश में कोई घपला किया था, तो वहां की अदालतों या दूतावास के बजाय किसी निजी व्यक्ति ने कानून अपने हाथ में कैसे लिया? सबसे बड़ी बात, अगर कोई बड़ा घपला था तो रात को 25,00,000 रुपये मिलते ही सुबह उसकी फ्लाइट कैसे करवा दी गई? यह सीधे तौर पर जबरन वसूली और अंतरराष्ट्रीय अपहरण के रैकेट की ओर इशारा करता है.
कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
युवक के सकुशल लौटने के बाद पीड़ित परिवार ने 7 अप्रैल 2026 को मकराना थाना और 20 अप्रैल को जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डीडवाना को लिखित रिपोर्ट दी थी, लेकिन रसूखदार आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत की शरण ली.
न्यायालय के आदेश पर मकराना थाने में धारा 175, 127(3), 308(2), 316(2), 318(4) और 61(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं जिससे पीड़ित परिवार गहरे खौफ में है.
अब अदालत द्वारा 15 तारीख को मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट के बाद ही पुलिस की आगे की दिशा तय होगी.
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पूरे मामले में आरोपियों की कई रिकॉर्डिंग भी सामने आई है जिसमें यह 25 लाख नहीं पूरे उससे अधिक की फिरौती मांग रहे हैं, जिसकी ऑडियो भी सामने आई है. जिसमें आरोपी कह रहे हैं 20 लाख अभी दे दिए और बाकी 15 लाख और देने हैं. इस तरह की भी ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है. अब पुलिस की कार्य प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े होते हैं. इतना बड़ा मामला है तो पुलिस ने अब तक कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की और आरोपियों को सलाखों के पीछे क्यों नहीं पहुंचाया.
-भारत एक्सप्रेस
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