Bharat Express DD Free Dish

कांग्रेस आलाकमान का नेताओं को नसीहत- पार्टी लाइन से अलग बयानबाजी न करें…नहीं तो भुगतने होंगे परिणाम

मीडिया सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी पार्टी के नेताओं द्वारा दिए गए बयान से नाराज हैं. नेताओं को सख्त नसीहत दी गई है कि पार्टी लाइन से अलग बयान देने पर सख्त परिणान भुगतने होंगे.

Rahul Gandhi

पहलगाम हमले पर कांग्रेस नेताओं के बयान पर विरोध के बाद पार्टी आलाकमान ने नेताओं को नसीहत दी है कि पार्टी के अधिकारिक लाइन के इतर कोई भी बयानबाजी न करें. मीडिया सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी पार्टी के नेताओं द्वारा दिए गए बयान से नाराज हैं. यह आदेश कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा आतंकी हमले पर की गई टिप्पणियों के बाद आया है, जिनसे विवाद पैद हो गया था और तीखी आलोचना भी हुई थी. नेताओं को सख्त नसीहत दी गई है कि पार्टी लाइन से अलग बयान देने पर सख्त परिणान भुगतने होंगे.

इस भीषण हमले के दो दिन बाद आयोजित सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने कहा था कि वह आतंकी हमले के जवाब में केंद्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का समर्थन करेगी.

एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि नेताओं द्वारा व्यक्तिगत रूप में दिए गए बयान पार्टी के अधिकारिक स्टैंड को नहीं दर्शाते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल खड़गे, राहुल गांधी और अधिकृत एआईसीसी पदाधिकारियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार ही कांग्रेस का अधिकारिक स्टैंड हैं.

जयराम रमेश ने कहा, “कुछ कांग्रेस नेता मीडिया से बात कर रहे हैं. वे अपने लिए बोलते हैं और कांग्रेस के विचारों को नहीं दर्शाते. इस सबसे संवेदनशील समय में इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस कार्यसमिति का प्रस्ताव,  मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए विचार और अधिकृत एआईसीसी पदाधिकारियों के विचार ही कांग्रेस की स्थिति को दर्शाते हैं.”

विवादास्पद बयान

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि पाकिस्तान के साथ युद्ध की कोई जरूरत नहीं है और इसके बजाय उन्होंने केंद्र सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को कहा. उन्होंने कहा था, “युद्ध की कोई जरूरत नहीं है, कड़े कदम उठाए जाने चाहिए. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है. हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. शांति होनी चाहिए, लोगों को सुरक्षा मिलनी चाहिए और केंद्र सरकार को सुरक्षा उपाय करने चाहिए…”

बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और अगर यह अपरिहार्य है, तो भारत को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ना होगा.

इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी पीड़ितों के परिवारों के इस दावे पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया कि आतंकवादियों ने हत्या करने से पहले उनका धर्म पूछा था.

विजय वडेट्टीवार ने कहा, “सरकार को पहलगाम आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. वे (सरकार) कह रहे हैं कि आतंकवादियों ने लोगों से (उनके धर्म के बारे में) पूछकर उन्हें मार डाला. क्या आतंकवादियों के पास यह सब करने का समय है?… कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा नहीं हुआ. आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता. जिम्मेदार लोगों की पहचान करें और उचित कार्रवाई करें. यह देश की भावना है.”

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read