CRPF Valour Day: केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुरुवार को ‘सीआरपीएफ शौर्य दिवस’ (Shaurya Diwas) के अवसर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की अदम्य वीरता को नमन किया. उन्होंने 9 अप्रैल 1965 को रण ऑफ कच्छ में स्थित ‘सरदार पोस्ट’ पर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
क्या है ‘सरदार पोस्ट’ की वो ऐतिहासिक जंग?
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जवानों के साहस की सराहना करते हुए लिखा कि 1965 में सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ की महज दो कंपनियों (लगभग 300 जवान) ने पाकिस्तान की पूरी ब्रिगेड (लगभग 3500 सैनिक) के हमले का डटकर मुकाबला किया था. उन्होंने कहा कि हमारे वीर सपूतों ने दुश्मन की अग्रिम बढ़त को कुचलते हुए भारत के इतिहास में शौर्य का एक अमर अध्याय लिखा. उनकी वीरता और समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है.
अदम्य साहस का प्रतीक: 12 घंटे का वो खूनी संघर्ष
9 अप्रैल 1965 का दिन (Shaurya Diwas) भारतीय सैन्य इतिहास में सीआरपीएफ की बहादुरी के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. उस दिन सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन की टुकड़ियों ने पाकिस्तानी सेना के आधुनिक हथियारों और भारी संख्या बल का सामना किया. 12 घंटे से अधिक समय तक चली इस भीषण जंग में सीआरपीएफ के जवानों ने 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 4 को बंदी बना लिया, जबकि इस संघर्ष में सीआरपीएफ के 6 वीर जवान शहीद हुए थे.
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आंतरिक सुरक्षा की मजबूत दीवार
गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सीआरपीएफ आज भी देश की आंतरिक सुरक्षा की ‘मजबूत दीवार’ के रूप में अडिग खड़ा है. शौर्य दिवस हर साल बल के जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और साहस को याद करने के लिए मनाया जाता है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन वीरों की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद रखा जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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