Dausa Railway Station Inauguration: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से पुनर्विकसित हुए दौसा रेलवे स्टेशन का भव्य लोकार्पण समारोह विकास की नई इबारत लिखने के बजाय एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया. वैसे तो लोकार्पण के मुख्य कार्यक्रम के दौरान मंच पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के दिग्गज नेता एक साथ मुस्कुराते हुए दिखाई दिए, लेकिन जैसे ही नेता मंच से नीचे उतरे, सूबे में होने वाले पंचायत व निकाय चुनाव, रेलवे के विकास और तबादला नीति को लेकर दोनों खेमों में तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई.
बता दें कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और कांग्रेस के कद्दावर दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने एक-दूसरे की राजनीतिक नीतियों पर जमकर निशाने साधे, जिससे मरुधरा की सियासत का पारा अचानक गर्मा गया है.
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का डोटासरा पर तीखा हमला
लोकार्पण समारोह के दौरान और उसके बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तबादला नीति को आड़े हाथों लिया. उन्होंने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का पर्याय बताते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोला. वहीं प्रदेश में लंबे समय से अटके पंचायत और निकाय चुनावों पर स्थिति साफ करते हुए राठौड़ ने कड़क लहजे में कहा कि ओबीसी (OBC) आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद ही सूबे में चुनाव कराए जाएंगे और भाजपा इन चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी.
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मजबूत विजन के चलते आज भारतीय रेलवे का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हो रहा है और देशभर के स्टेशनों का हुलिया बदल रहा है.
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श्रेय लेने की राजनीति पर उठे सवाल(Dausa Railway Station Inauguration)
भाजपा के इन तीखे आरोपों और दावों पर पलटवार करने में दौसा के कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा ने भी जरा सी देर नहीं लगाई. उन्होंने चुनाव टालने के पीछे सीधे तौर पर भाजपा के भीतर बैठे हार के डर को जिम्मेदार ठहराया. सांसद मीणा ने भाजपा आलाकमान को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर सत्ताधारी दल में सचमुच दम है, तो वे टालमटोल छोड़ आज ही पंचायत और निकाय चुनाव कराकर देख लें, सूबे की जनता भाजपा का पूरी तरह से सूपड़ा साफ करने के लिए तैयार बैठी है.
रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का पूरा श्रेय केंद्र सरकार को दिए जाने पर ऐतराज जताते हुए उन्होंने साफ किया कि विकास सिर्फ कागजी योजनाओं से नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि की संसद में सक्रिय पैरवी से आता है; उन्हीं के लगातार मुद्दे उठाने के कारण आज दौसा क्षेत्र के छह स्टेशन इस योजना का हिस्सा बने हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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