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Indian AirStrikes के कारण पाकिस्तान छोड़कर भागा आतंकी सरगना दाऊद, छोटा शकील और मुन्ना जिगीदा भी फरार

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील व मुन्ना जिगीदा ने पाकिस्तान छोड़ दिया है. खुफिया एजेंसियां उनके नए ठिकाने का पता लगाने में जुटी हैं.

Dawood Ibrahim

नई दिल्ली: भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम ने पाकिस्तान छोड़ दिया है. उसके साथ डी-कंपनी के दो अहम चेहरे – छोटा शकील और मुन्ना जिगीदा – ने भी पाकिस्तान से भागने की पुष्टि हुई है.

दाऊद और उसके सहयोगियों ने बदला अपना ठिकाना

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान पर लगातार बढ़ते वैश्विक दबाव और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मिल रही चेतावनियों के कारण दाऊद और उसके सहयोगियों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा. अभी यह साफ नहीं है कि वे किस देश में छिपे हैं, लेकिन भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियां उनके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं.

कराची के क्लिफ्टन इलाके में था दाऊद का सुरक्षित ठिकाना

दाऊद इब्राहिम पिछले कई वर्षों से कराची के क्लिफ्टन जैसे वीआईपी और अति-सुरक्षित इलाके में रह रहा था. उसे पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से विशेष सुरक्षा मिली हुई थी. क्लिफ्टन क्षेत्र में उसके घर के आसपास पाकिस्तानी रेंजर्स और खुफिया एजेंसियों के जवान तैनात रहते थे, ताकि उसकी गतिविधियों को पूरी तरह छुपाया जा सके.

दाऊद का अपराध साम्राज्य

दाऊद इब्राहिम का नाम 1993 के मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड के तौर पर कुख्यात है, जिसमें 250 से अधिक निर्दोष लोगों की जान गई थी. इसके अलावा वह ड्रग्स तस्करी, हथियारों की तस्करी, हवाला रैकेट, अवैध वसूली और रियल एस्टेट से अवैध धन अर्जित करने जैसे कई आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है. उसका नेटवर्क भारत, मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक फैला हुआ है.

छोटा शकील और मुन्ना जिगीदा की भूमिका

छोटा शकील लंबे समय तक डी-कंपनी के संचालन का जिम्मा संभालता रहा है. वह आतंकवाद, माफिया गतिविधियों और आर्थिक अपराधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने का मास्टरमाइंड रहा है. वहीं, मुन्ना जिगीदा हवाला नेटवर्क और फिरौती वसूलने के काम में दाऊद का विश्वासपात्र सहयोगी रहा है. विशेष जानकारी के अनुसार, 2015 में बैंकॉक पुलिस ने मुन्ना जिगीदा को गिरफ्तार किया था, लेकिन कुछ समय बाद उसे पाकिस्तान को सौंप दिया गया था, जहां वह फिर से डी-कंपनी की गतिविधियों में सक्रिय हो गया था.

अनीश शाह ‘डारा’ और मुन्ना जिगीदा का नेटवर्क

अनीश शाह उर्फ डारा और मुन्ना जिगीदा जैसे गुर्गों ने दाऊद के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाला और अवैध धंधे को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ये लोग आज भी विभिन्न देशों में डी-कंपनी के लिए काम कर रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



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