Delhi Airport Plane Collision: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर बुधवार को एक बड़ा विमान हादसा होने से रह गया. टैक्सीइंग यानी विमान को रनवे तक ले जाने की प्रक्रिया के दौरान स्पाइसजेट और अकासा एअर के दो विमान आपस में टकरा गए. यह टक्कर तब हुई जब स्पाइसजेट का विमान उड़ान भरने के लिए रनवे की ओर बढ़ रहा था. गनीमत यह रही कि विमानों की गति कम थी, जिसके चलते एक बड़ा विनाशकारी हादसा टल गया और दोनों विमानों में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं.
कैसे हुई टक्कर?
हादसा उस समय हुआ जब स्पाइसजेट का B737-700 विमान रनवे की ओर ‘टैक्सी’ कर रहा था. इसी दौरान स्पाइसजेट के विमान का दाहिना विंगलेट (पंख का सिरा) वहां खड़े अकासा एअर के विमान के ‘लेफ्ट हैंड हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर’ (पूछ के पास का हिस्सा) से टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही विमानों के तकनीकी हिस्सों को काफी नुकसान पहुंचा है. घटना के तुरंत बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया गया और परिचालन रोक दिया गया.
यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल
16 अप्रैल 2026 को दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली अकासा एअर की उड़ान QP 1406 को इस टक्कर के बाद वापस बे (bay) पर लौटना पड़ा. एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि जब उनका विमान पार्किंग की स्थिति में खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी. यात्रियों को तुरंत विमान से सुरक्षित उतार लिया गया. अकासा एअर का ग्राउंड स्टाफ अब प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था कर रहा है ताकि उन्हें जल्द से जल्द हैदराबाद पहुंचाया जा सके.
DGCA ने शुरू की जांच
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए इस गंभीर वाकये के बाद विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं. इस बात की बारीकी से जांच की जा रही है कि क्या यह पायलट की गलती थी या फिर ग्राउंड सिग्नलिंग में कोई चूक हुई. फिलहाल, दोनों विमानों को परिचालन से बाहर कर दिया गया है और इंजीनियरिंग टीम नुकसान का आकलन कर रही है. एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी नए सिरे से समीक्षा की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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