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पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक ‘धुरंधर’ का कहर! सर्जिकल स्ट्राइक से भी कहीं घातक है ये अचूक हथियार, जानिए कैसे करता है काम?

पाकिस्तान में परमजीत सिंह पंजवड़, शाहिद लतीफ और अब बिलाल आरिफ सलाफी जैसे आतंकियों की रहस्यमयी हत्याओं ने सनसनी फैला दी है. ‘Unknown Gunmen’ के जरिए किए जा रहे इन ऑपरेशंस को ‘धुरंधर’ स्टाइल वारफेयर माना जा रहा है, जिसने दुश्मनों में डर बैठा दिया है…

पाकिस्तान में पिछले एक साल से परमजीत सिंह पंजवड़, शाहिद लतीफ, मुल्ला बहौर और अब बिलाल आरिफ सलाफी जैसे भारत के दुश्मनों की एक-एक कर हो रही रहस्यमयी हत्याओं ने वैश्विक रक्षा समुदाय का ध्यान खींचा है. इन हत्याओं के पीछे किसी देश की सेना या घोषित विशेष बल नहीं बल्कि ‘अननोन गनमैन’ (Unknown Gunmen) हैं, जो बिल्कुल ‘धुरंधर’ फिल्म(dhurandhar 2) के कॉन्सेप्ट की तरह काम कर रहे हैं.

बता दें कि इन हमलावरों का काम करने का तरीका अचूक और खौफनाक है, दरअसल ये दुश्मन के देश में घुसते हैं, वहां के स्थानीय असंतुष्ट तत्वों या अपराधियों को ‘लोकल असेट्स’ के रूप में इस्तेमाल करते हैं और फिर दुश्मन को उसी के सबसे सुरक्षित ठिकाने पर ढेर कर देते हैं. अभी हाल ही में मुरिदके में लश्कर कमांडर बिलाल सलाफी की ताज़ा हत्या इसी ‘धुरंधर’ वारफेयर का नवीनतम और सबसे सटीक उदाहरण है, जिसने साबित कर दिया है कि अब दुश्मनों के लिए कोई भी कोना सुरक्षित नहीं है.

‘अननोन गनमैन’ कैसे करते हैं काम?

दरअसल ये ‘अननोन गनमैन’ पारंपरिक सैन्य कार्रवाइयों (जैसे सर्जिकल स्ट्राइक) से बिल्कुल अलग और अधिक घातक रणनीति अपनाते हैं. सर्जिकल स्ट्राइक में अपनी सेना को जोखिम में डालना पड़ता है और पकड़े जाने पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संकट पैदा हो सकता है. लेकिन ‘धुरंधर’ स्टाइल में हमलावर पर्दे के पीछे रहते हैं. वे (Unknown Gunmen) महीनों तक टारगेट की रेकी करते हैं, उसकी हर हरकत, कमजोरी और सुरक्षा घेरे का अध्ययन करते हैं. जिसके बाद वे स्थानीय अपराधियों या भाड़े के शूटरों को मोटी रकम देकर या किसी और लालच में फंसाकर उनसे हत्या करवाते हैं.

बांग्लादेश में हुआ था हाई प्रोफाइल मामला

‘अननोन गनमैन’ का यह खौफनाक नेटवर्क केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. कुछ समय पहले बांग्लादेश में भी एक कथित CIA एजेंट की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी, जो भारत के खिलाफ गतिविधियों में शामिल बताया जा रहा था. उस हत्या का पैटर्न भी वैसा ही क्लीन और प्रोफेशनल था जैसा पाकिस्तान में देखा जा रहा है. इस घटना ने साबित कर दिया कि ‘धुरंधर’ ऑपरेशंस का दायरा अब वैश्विक हो गया है.

देश के दुश्मन चाहे किसी भी शक्तिशाली देश की सुरक्षा में क्यों न छिपे हों, ये ‘अनाम’ (dhurandhar) ताकतें उन्हें ढूंढ निकालने और खत्म करने की क्षमता रखती हैं. बांग्लादेश की घटना ने यह भी संदेश दिया कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या कूटनीतिक मर्यादा की परवाह नहीं करेगा.

‘धुरंधर’ वारफेयर: दुश्मनों को ‘उन्हीं के लोगों से ठुकवाना’

यह नया ‘धुरंधर’ वारफेयर (dhurandhar) बदलती रणनीतिक आक्रामकता का प्रतीक है. अब दुश्मनों को खत्म करने के लिए केवल रक्षात्मक मुद्रा में नहीं रहता बल्कि ‘प्री-एम्प्टिव’ यानी दुश्मन के हमला करने से पहले ही उसे खत्म करने की नीति अपना रहा है. दुश्मनों को ‘उन्हीं के घर में, उन्हीं के लोगों द्वारा ठुकवाना’ एक मानसिक युद्ध भी है जो आतंकी संगठनों और उनके आकाओं की कमर तोड़ देता है.

बता दें कि बिलाल सलाफी की हत्या के बाद लश्कर-ए-तैयबा के भीतर अब यह डर पैठ गया है कि उनका अगला नंबर हो सकता है. यह ‘अननोन गनमैन’ का सबसे बड़ा विजय है कि दुश्मन को बिना लड़े ही खौफ के साये में जीने पर मजबूर कर देना.

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-भारत एक्सप्रेस



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