Delhi Artificial Rain: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा के चैंबर में बदल चुकी है. इस जानलेवा प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए IIT कानपुर का विशेष सेसना विमान कृत्रिम बारिश का वादा लेकर आया. हालांकि, उसके वादे किसी काम के नहीं निकले. कृत्रिम बारिश के अगले रोज ही दिल्ली के कई इलाकों का AQI और बढ़ा मिला. खैर जो विमान को दिल्ली को जीवनदान देने वाले थे उन्हें ही अपना काम खत्म करने के बाद राजधानी में उतरने की परमिशन नहीं मिला. आइये दानें आखिर उन्हें दिल्ली में क्यों नहीं उतारा गया और अब वो कहां हैं?
कब कहां उतरा विमान?
दिल्ली की जहरीली हवा से राहत के लिए आईआईटी कानपुर का सेसना विमान कृत्रिम बारिश करने के बाद मेरठ के परतापुर हवाई पट्टी पर उतरा. विमान को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की अनुमति से उतारा गया था. हालांकि, डीएम ने सूचना होने से इनकार किया. विमान ने शाम को दिल्ली के लिए उड़ान भरी.
विमान दोपहर 2.15 बजे परतापुर हवाई पट्टी पर पहुंचा और शाम 4 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया. हवाई पट्टी के कर्मचारियों ने विमान के उतरने की पुष्टि की, लेकिन डीएम ने इससे इनकार किया. विमान के उतरने की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हवाई पट्टी के प्रबंधक ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.
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हवाई शो बनकर रह गई कृत्रिम बारिश
दिल्ली के प्रदूषण को भगाने के लिए लाया गया कृत्रिम बारिश का विमान अब खुद सस्पेंस का केंद्र बन गया है. दिल्ली में लैंडिंग की अनुमति न होने के कारण केमिकल छिड़कने के बाद इसका तुरंत मेरठ के परतापुर हवाई पट्टी पर उतरना, और इस बात की जिलाधिकारी (DM) को भी खबर न होना लोगों के मन में सवाल पैदा कर रहा है. कुल मिलाकर दिल्ली की जहरीली हवा से निपटने के लिए लाया गया यह प्रयोग महंगा और बेकाम का हवाई शो बनकर न रह गया.
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