Bharat Express DD Free Dish

दिल्ली हाई कोर्ट ने अमेज़ॉन की एक यूनिट पर 340 करोड़ रुपये का लगाया जुर्माना

कोर्ट ने पाया कि घुड़सवार का लोगों पोलो क्लब ब्रांड की एक प्रमुख और पहचान योग्य विशेषता है, जिसे 2007 से भारत मे पंजीकृत और उपयोग किया जा रहा था.

Delhi High Court, Child Trafficking
Edited by Akansha

दिल्ली हाई कोर्ट ने अमेज़ॉन की एक यूनिट पर 340 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.  कोर्ट ने बेवली हिल्स पोलो क्लब के ट्रेडमार्क के उल्लंघन के मामले में यह जुर्माना लगाया है. ट्रेडमार्क मामलों में किसी अमेरिकी कंपनी पर इतनी बड़ी रकम का जुर्माना पहले कभी नहीं लगाया गया है. यह फैसला उस समय आया है जब भारत की एक एंटी ट्रस्टजांच में अमेजन पर अपने चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीह देने का आरोप लगा है. अमेजॉन ने एक आरोपों से इनकार कर दिया है. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने पाया कि ई-कॉमर्स दिग्गज पोलो क्लब के बेवली हिल्स पोलो लोगों का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट पर बेचे जाने वाले कपड़ों पर कर रहा था.

कोर्ट मे कही ये बात

कोर्ट ने पाया कि घुड़सवार का लोगों पोलो क्लब ब्रांड की एक प्रमुख और पहचान योग्य विशेषता है, जिसे 2007 से भारत मे पंजीकृत और उपयोग किया जा रहा था. कोर्ट ने यह भी कहा कि अमेजॉन अपना कपड़ा कारोबार SYMBOL ब्रांड के तहत चलाता है. जबकि उसने BHPC के लोगों को कॉपी करके सिंबल ब्रांड के नाम से कपड़े बेचे. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि अमेजॉन ई-कॉमर्स इंडस्ट्री की एक बड़ी कंपनी है. उसके पास अपने सामान को बेचने और प्रमोट करने के लिए सभी तरीके मौजूद है.

भारत में हर साल 20 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री

अदालत ने अपने 85 पन्नों के आदेश में कहा, जिस लोगो का इस्तेमाल किया गया है, उसे अलग करना मुश्किल है. इस आदेश में दोनों लोगों की तुलना करते हुए टी-शर्ट की तस्वीरें भी शामिल थीं. अमेजॉन के सिंबल के तहत बेचे जाने वाले उल्लंघनकारी प्रोडक्ट्स की कीमत 375 रुपये से भी कम थी, जबकि पोलो ब्रैंडेड कपड़े आमतौर पर 2500 रुपये से 4500 रुपये में बिकते हैं. कोर्ट ने इस गहरी छूट नीति को ब्रांड की पहचान को कमजोर करने के रूप में देखा है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में दिए गए आंकड़े के मुताबिक BHPC ब्रांड के उत्पादों की भारत में हर साल 20 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री होती रही है. यह खासतौर पर 2016-17 के बाद आए इसका कारोबार लगातार बढ़ा है.

-भारत एक्सप्रेस 


इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read