Surf Excel vs Ghari: दिल्ली हाई कोर्ट ने डिटर्जेंट ब्रांड घड़ी के विज्ञापन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. RSPL लिमिटेड, जो घड़ी डिटर्जेंट का निर्माण करती है, को अपने टीवी और डिजिटल विज्ञापनों से Surf Excel को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की एकल पीठ ने दिया, जो Hindustan Unilever Limited (HUL) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थीं. HUL, Surf Excel ब्रांड की निर्माता है.
कोर्ट ने साफ कहा कि RSPL लिमिटेड को अपने विज्ञापन में कुछ खास वाक्यांशों को हटाना होगा, जिनमें से तीन टिप्पणियां Surf Excel के प्रति अपमानजनक मानी गई हैं. कोर्ट के मुताबिक ये वाक्य ब्रांड की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हैं.
घड़ी डिटर्जेंट अब विवादों के घेरे में
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक इन आपत्तिजनक हिस्सों को हटाकर जरूरी बदलाव नहीं किए जाते, तब तक विज्ञापन का प्रसारण पूरी तरह से निषिद्ध रहेगा.
RSPL को इन बदलावों के लिए 24 जून 2025 तक का समय दिया गया है. तय समय-सीमा के भीतर संशोधन किए जाने पर ही विज्ञापन को दोबारा प्रसारित करने की अनुमति दी जाएगी.
यह मामला भारतीय विज्ञापन उद्योग में प्रतिस्पर्धा की सीमाओं को लेकर एक अहम मिसाल बन सकता है, जहां ब्रांड एक-दूसरे पर सीधा प्रहार करने के बजाय रचनात्मक और नैतिक तरीके से प्रतिस्पर्धा करें — यही न्यायालय का स्पष्ट संकेत भी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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