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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमनाथ भारती की याचिका खारिज की, EVM की जली हुई मेमोरी मुहैया कराने की मांग

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आप नेता सोमनाथ भारती की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग से नई दिल्ली लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम की जली हुई मेमोरी उपलब्ध कराने की मांग की थी.

सोमनाथ भारती

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की लोकसभा चुनाव के दौरान नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में इस्तेमाल की गई ईवीएम की जली हुई मेमोरी मुहैया कराने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. हालांकि, हाई कोर्ट ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी वीवीपैट पेपर पर्चियों को वीवीपैट के ड्रॉप बॉक्स से निकाल कर ईसीआई द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एक कागज के लिफाफे में रखा जाए.

हाई कोर्ट भारती की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने कथित भ्रष्ट आचरण के आधार पर नई दिल्ली लोकसभा सीट पर भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के निर्वाचन को चुनौती दी है. मुकदमे में विवाद वोटों की गिनती के बारे में नहीं है. देश भर में आगामी चुनावों को देखते हुए ईसीआई को ईवीएम को संरक्षित करने की कोई आवश्यकता नहीं है. न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा ने कहाइस चुनाव में इस्तेमाल की गई 1,489 ई.वी.एम. की बर्न मेमोरी उपलब्ध कराने के लिए ई.सी.आई. को निर्देश देने की याचिकाकर्ता की प्रार्थना को खारिज किया जाता है और यह स्पष्ट किया जाता है कि रिटर्निंग अधिकारी अन्य चुनावों के लिए नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में इस्तेमाल की गई ई.वी.एम. को जारी करने के लिए स्वतंत्र है.

अदालत ने कहा कि हालांकि वोटों की गिनती या पुनर्गणना के बारे में कोई विवाद नहीं है, फिर भी, 20 अगस्त को ई.सी.आई. के वकील द्वारा दिए गए बयान के संदर्भ में आयोग को निर्देश दिया जाता है कि वी.वी.पी.ए.टी. के ड्रॉप बॉक्स से निकाले गए सभी वी.वी.पी.ए.टी. पेपर स्लिप को प्रमाणित रूप में एक कागज के लिफाफे में रखा जाए और सुनवाई की अगली तारीख तक चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संरक्षित किया जाए.

ई.सी.आई. के वकील ने 20 अगस्त को कहा था कि मुद्रित वी.वी.पी.ए.टी. पेपर स्लिप को ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर मैनुअल’ के प्रासंगिक खंड के अनुसार संरक्षित किया गया है और इस याचिका के निर्णय के लिए अदालत के निर्देशों के अनुसार इसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए. इससे पहले अदालत ने स्वराज के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था. अदालत ने पूर्व आप मंत्री राज कुमार आनंद को पार्टियों की सूची से हटा दिया था जिन्होंने 2024 का विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर लड़ा था, लेकिन नतीजों के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे. तीनों ने नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. भारती को 3,74,815 वोट मिले, जबकि स्वराज को 4,53,185 वोट मिले.

-भारत एक्सप्रेस 



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