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लापरवाही की भेंट चढ़े 14 आशियाने: धू-धू कर जलीं 4 इमारतें, कई परिवारों की जिंदगी भर की कमाई राख

दिल्ली के लक्ष्मी नगर में ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने 4 इमारतों के 14 फ्लैट्स को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में लाखों का सामान जलकर राख हो गया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

Massive Fire in Delhi Laxmi Nagar 14 Flats Burnt After Transformer Short Circuit

Laxmi Nagar Short Circuit: विवेक पठानी/ दिल्ली: राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक लक्ष्मी नगर बीती रात चीख-पुकार और धुएं के गुबार से दहल उठा. जे-एक्सटेंशन इलाके में लगे एक बिजली के ट्रांसफॉर्मर में हुए शॉर्ट सर्किट ने ऐसी भयावह आग पकड़ी कि देखते ही देखते चार इमारतें इसकी चपेट में आ गई. इस भीषण हादसे में करीब 14 फ्लैट्स में रहने वाले परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो गया है. आज सुबह जब सूरज उगा, तो इन परिवारों के पास न सिर छिपाने को छत बची थी और न ही तन ढंकने को कपड़े.

बरसों पुरानी मांग को नजरअंदाज करना पड़ा भारी

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह हादसा कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है. लोगों का कहना है कि यह ट्रांसफॉर्मर सालों से रिहायशी इमारतों के बेहद करीब लगा हुआ था. इसे यहां से हटाने के लिए बीएसईएस (BSES) और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी. तारों के मकड़जाल और पुरानी व्यवस्था ने अंततः एक बड़े हादसे को दावत दे दी.

न जेवर बचे न मोबाइल

आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. घर के अंदर रखे फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी और टीवी तो कबाड़ में तब्दील हो ही गए, कई परिवारों की जमा-पूंजी और कीमती जेवर भी आग की भेंट चढ़ गए.

पीड़ित निवासी डोली ने रुंधे गले से बताया, “हम बस अपनी जान बचाकर बाहर भागे. मोबाइल तक उठाने का समय नहीं मिला. आज हम खाली हाथ सड़क पर खड़े हैं.” वहीं, एक अन्य पीड़ित उजमा का कहना है कि उनकी जिंदगी भर की कमाई इस आग में स्वाहा हो गई है और अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं.

प्रशासनिक सुस्ती पर जनता का गुस्सा

हादसे के बाद राहत कार्यों को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है. मोहम्मद शफी नामक पीड़ित ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड को कई फोन किए गए, लेकिन मदद पहुंचने में देरी हुई.

शफी के मुताबिक, उनका करीब 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत नुकसान हुआ है. इलाके के लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि हादसे के घंटों बीत जाने के बाद भी न तो मुआवजे की कोई बात हुई है और न ही बुनियादी सहायता उन तक पहुंची है.

फिलहाल मौके पर दिल्ली पुलिस और बीएसईएस के आला अधिकारी मौजूद हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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