Delhi MCD: स्कंदिता/दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ का सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में औपचारिक रूप से विलय हो गया. इस बड़े उलटफेर से निगम के भीतर सत्ता का पूरा समीकरण ही बदल गया है. बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में पार्टी के संयोजक मुकेश गोयल सहित सभी 16 पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया.
एक मिस कॉल और मिल गई सदस्यता
BJP दफ्तर में हुए इस सियासी मिलन के दौरान हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नए पार्षदों को पार्टी का पारंपरिक पटका पहनाकर स्वागत किया. इसके बाद बीजेपी के टोल-फ्री नंबर पर मिस कॉल करवाकर सभी को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई.
BJP में शामिल होने के बाद पांच बार के वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल ने कहा, ‘हम दिल्ली के विकास में सच्चे भागीदार बनना चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के काम करने के तरीके से प्रभावित होकर ही हमने भाजपा को मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि हमारे इलाकों का भी चहुंमुखी विकास हो सके.’
निगम में बढ़ा भाजपा का कुनबा
इन 16 पार्षदों के आने से एमसीडी सदन में बीजेपी की ताकत काफी बढ़ गई है. अब नगर निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या 123 से सीधे छलांग लगाकर 139 पर पहुंच गई है.
बता दें कि साल 2022 के निगम चुनाव में बीजेपी के केवल 104 पार्षद जीतकर आए थे, लेकिन बाद में दलबदल के चलते यह आंकड़ा 123 तक पहुंचा था. इसके बाद, मई 2025 में आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट हुई और मुकेश गोयल के नेतृत्व में 16 पार्षदों ने अलग होकर ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ बना ली थी. मुकेश गोयल सदन में इस गुट के नेता थे, जबकि हेमचंद गोयल उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब इस पूरे कुनबे के भाजपा में आ जाने से विरोधी खेमे को बड़ा झटका लगा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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