Delhi Rohini Building Collapse
Delhi Rohini Building Collapse: राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया. सेक्टर-16 स्थित जी-4 पॉकेट में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर को कई घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान देर रात तक जारी रहा.
शाम को मिली इमारत गिरने की सूचना
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4:28 बजे केएनके मार्ग पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल के जरिए इमारत गिरने की सूचना मिली. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि सेक्टर-16 स्थित नई चार मंजिला इमारत पूरी तरह ढह चुकी थी और उसका मलबा सड़क तक फैल गया था. आशंका जताई गई कि इमारत में काम कर रहे कई मजदूर मलबे में फंस गए हैं.
एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), टीपीडीडीएल और अन्य संबंधित एजेंसियों को बुलाया. सभी टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों के साथ-साथ सावधानीपूर्वक मैन्युअल रेस्क्यू भी किया गया.
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तीन लोगों की गई जान
बचाव अभियान के दौरान घायलों को तुरंत बीएसए अस्पताल पहुंचाया गया. यहां राम (42) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मलबे से राम दुआ (62) और काफे उर्फ नूरुल (24) के शव भी बरामद किए गए. हादसे में कुल तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
मलबे में फंसे मजदूर की ऐसे बची जान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों ने मलबे में फंसे एक मजदूर सद्दाम उर्फ रवि (32) से संपर्क बनाया गया. बचाव दल ने सबसे पहले उसे पानी पहुंचाया और फिर दिल्ली पुलिस ने पास के अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर मलबे के भीतर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई. कई घंटों की मेहनत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
हादसे की जांच शुरू
रात के समय भी बचाव कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मौके पर जनरेटर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई. फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है और प्रशासन ने इमारत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा निर्माण संबंधी लापरवाही के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी.
भारत एक्सप्रेस
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