देश में मानसून अब अपने सबसे आक्रामक और सक्रिय दौर में पहुंच चुका है, जिसके चलते पहाड़ों से लेकर समुद्र तटीय इलाकों तक मौसम का मिजाज बेहद खौफनाक हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने साफ संकेत दिया है कि अगले सात दिनों तक देश के अधिकांश राज्यों में कुदरत का भयंकर तांडव देखने को मिलेगा. इस समय उत्तर भारत, मध्य भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर में अलग-अलग कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं.
यही वजह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित पूरे हिमालयी राज्यों के लिए लगातार कड़े रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जा रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना(Delhi Rain Update) है कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना एक बेहद मजबूत कम दबाव का क्षेत्र यानी लो-प्रेशर सिस्टम अगले 24 से 48 घंटों में देश को बुरी तरह झकझोरने वाला है.
दिल्ली-एनसीआर में पूरी रात झमाझम बारिश(IMD Rain Alert 9 July 2026)
दरअसल राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में मौसम ने अचानक बहुत खतरनाक करवट ले ली है. दिल्ली-एनसीआर में कल रात से ही रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को उमस से बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ आज के लिए आईएमडी ने एक डराने वाली चेतावनी जारी की है. आज दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का हाई अलर्ट है.
इस दौरान(Delhi Rain Update) कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के गिरने की पूरी आशंका है, जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो सकती है. प्रशासन ने दफ्तर जाने वाले लोगों को जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए बेहद सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की कड़क हिदायत दी है.
मैदानी इलाकों में काल बनकर आएगा बवंडर(Aaj ka Mausam)
उत्तर प्रदेश में इस समय मानसून सबसे ज्यादा तबाही मचाने के मूड में दिख रहा है. मौसम विभाग ने मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज, रायबरेली और सीतापुर सहित यूपी के दर्जनों जिलों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रोंगटे खड़े कर देने वाली रफ्तार से धूलभरी आंधी और चक्रवाती बवंडर चलने का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही यूपी और बिहार में अगले तीन दिनों तक आकाशीय बिजली गिरने का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
वहीं बिहार के पटना, मुजफ्फरनगर, भागलपुर और बेगूसराय में 11 जुलाई तक मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर आ सकती हैं. वहीं झारखंड के रांची, धनबाद और हजारीबाग में भी 55 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही हवाओं और बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट ने लोगों के बीच खौफ का माहौल बना दिया है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में लो-प्रेशर का डबल अटैक
राजस्थान और मध्य प्रदेश में बने मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से अगले दो दिनों के भीतर मानसून अपनी पूरी विनाशकारी ताकत के साथ लौटने जा रहा है. राजस्थान के जयपुर, अलवर, कोटा, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है, जिससे ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट सकता है.
वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, मुरैना, गुना और रीवा में भारी बारिश के कारण छोटे नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे किसानों को अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए खेतों में जल निकासी के कड़े इंतजाम करने को कहा गया है. इसके विपरीत, लंबे समय से उमस झेल रहे पंजाब और हरियाणा के अमृतसर, लुधियाना, अंबाला और करनाल में आज भारी बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.
मुंबई और पूर्वोत्तर भारत में 15 जुलाई तक हाहाकार
मैदानी इलाकों (Aaj ka Mausam) से इतर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं. उत्तराखंड के नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में 12 जुलाई तक बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भयंकर लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन होने की कगार पर है. चारधाम और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल अपनी यात्रा रोकने की सख्त सलाह दी गई है.
दूसरी तरफ, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, पुणे और पूरे कोंकण क्षेत्र में आगामी 15 जुलाई तक मूसलाधार बारिश से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं. लोकल ट्रेनें और हवाई यातायात कभी भी प्रभावित हो सकते हैं. पूर्वोत्तर के असम और मेघालय में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे लाखों लोगों पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है.
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