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पहले से तैयार थी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट, बीजेपी के मंत्री ने बताया पूरा प्लान

Dharmendra Pradhan resignation update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही पद छोड़ने की इच्छा जता दी थी. विजयवर्गीय ने प्रधान के फैसले की तारीफ करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश से जोड़ा.

Dharmendra Pradhan resignation update

Dharmendra Pradhan resignation update

Dharmendra Pradhan resignation update: शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है. विजयवर्गीय का दावा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने विरोध प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पद छोड़ने की इच्छा जाहिर कर दी थी. उनके मुताबिक, प्रधान ने हालात को देखते हुए पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर दी थी.

‘पहले दिन ही पार्टी चीफ को बता दिया था’

इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आंदोलन के शुरुआती दिन से ही धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी प्रमुख को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था. उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि इस्तीफा देना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं. विजयवर्गीय के मुताबिक, उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने को कहा था, लेकिन बाद में जब संगठन की ओर से इस्तीफा मांगा गया तो प्रधान ने बिना देरी किए अपना त्यागपत्र सौंप दिया.

विजयवर्गीय ने की धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ

कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले की सराहना करते हुए उन्हें एक समर्पित कार्यकर्ता बताया. उन्होंने कहा कि प्रधान ने संगठन और देशहित को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया. विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया. उन्होंने भारत में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात पैदा करने की कथित साजिश का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे समय में प्रधान का निर्णय महत्वपूर्ण है.

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विपक्ष पर भी साधा निशाना

विजयवर्गीय ने इस दौरान कांग्रेस पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में हार के बाद विपक्ष कमजोर स्थिति में था और उसे इस आंदोलन में राजनीतिक अवसर नजर आया. उनके अनुसार, आंदोलन की शुरुआत छात्रों ने की थी, लेकिन बाद में विपक्षी दल इसके पीछे खड़े हो गए.

इस्तीफे के बाद सियासत तेज

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जहां बीजेपी नेता इसे संगठन और जिम्मेदारी से जुड़ा फैसला बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की नीतियों पर सवाल के तौर पर देख रहा है. अब विजयवर्गीय के बयान ने इस मामले को एक नया राजनीतिक एंगल दे दिया है.

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