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Tiger Death In Dudhwa: दुधवा टाइगर रिजर्व बना क़ब्रगाह, 45 दिनों में 5 टाइगर की मौत, सीएम योगी ने वन मंत्री को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

Lakhimpur Kheri: दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचे वन जंतु राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ.अरुण कुमार सक्‍सेना ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

मृत टाइगर (फाइल फोटो)

अवध किशोर जायसवाल

Tiger Death In Dudhwa: लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले के तराई में बसा इकलौता विश्व विख्यात दुधवा टाइगर रिजर्व इस वक्त वन्यजीवों की कब्रगाह बनता नजर आ रहा है. वन्यजीवों की खान कहे जाने वाले दुधवा में अब वन्यजीवों की हो रही संदिग्ध मौतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है और उन्होंने वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ.अरुण कुमार सक्‍सेना को जांच के आदेश दे दिए हैं. तो वहीं वन विभाग के आला अधिकारियों पर वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है. वह लोग अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाते नजर आ रहे हैं .

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व भी काफी लोकप्रिय है, लेकिन हाल के दिनों में लगातार बाघ और तेंदुओं की संदिग्ध रूप से हो रही मौतों ने इसे सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. बता दे बीते 45 दिनों में लगातार बाघों की संदिग्ध रूप से मौतें हो रही हैं, जिनमें हाल ही में दो बाघों की संदिग्ध रूप से मौतें हुई थी तो वहीं दूसरी ओर बीते कुछ दिन पूर्व भी टाइगर रिजर्व के ही अफसरों के सामने ही एक बाघिन की संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी. अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि बीते सोमवार की सुबह एक ग्राम प्रधान के घर में एक तेंदुए का शव बरामद होने से एक बार फिर से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया और हैरानी वाली बात यह सामने आई कि फिर शुक्रवार की सुबह मैलानी वन रेंज में एक बाघ का संदिग्ध अवस्था में शव पड़ा मिला.

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इस पूरे मामले में जो बात सामने आ रही है, वो ये कि हर बार वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा आपसी संघर्ष की लड़ाईयों के कारण ही इन बाघों की मौतें हो रही हैं, लेकिन बड़ा सवाल फिर भी वहीं आकर ठहर जाता है कि आखिर दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा व अन्य सुविधाओं के लिए जो बजट दिया जाता है या फिर उस बजट को लेकर कितना काम किया जाता है और साथ ही वन विभाग जंगलों में कांबिंग करने की बात कहता है उसके बावजूद भी लगातार वन्य जीवों की मौतों का सिलसिला ठहरता क्यों नहीं है? फिलहाल बाघों की मौत होना चिंता का विषय बनता साफ रुप से दिखाई दे रहा है. फिलहाल इस बात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा संज्ञान लेने के बाद अब वन विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं और तत्काल ही जांच कर रिपोर्ट भी मांगी गई है. बता दें कि शनिवार को वन मंत्री अरुण सक्सेना दुधवा पहुंचे हैं, जहां पर उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही है.

-भारत एक्सप्रेस



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