Earthquake News Today: मंगलवार तड़के जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे, तभी अचानक पूर्वोत्तर भारत की धरती तेज झटकों से कांप उठी. महज़ 4 मिनट के अंतराल पर देश के दो पड़ोसी राज्यों-असम और मणिपुर में भूकंप के बैक-टू-बैक झटकों से हड़कंप मच गया.
जानकारी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर सबसे तेज झटका असम में दर्ज किया गया, जहां इमारतें और पंखे हिलते ही चीख-पुकार मच गई और लोग अपने बाल-बच्चों को लेकर बदहवास हालत में घरों से बाहर सड़कों की ओर भागने लगे. भारत में आए इन झटकों के कुछ ही देर बाद अफगानिस्तान में भी भूकंप का भीषण झटका महसूस किया गया.
4.5 की तीव्रता से दहल उठा नगांव (Earthquake News Today)
4 मिनट बाद मणिपुर में दूसरी लहर(Manipur Earthquake)
असम में लगे झटके का खौफ अभी थमा भी नहीं था कि ठीक 4 मिनट बाद यानी सुबह 4 बजकर 27 मिनट 25 सेकंड पर मणिपुर में भी धरती डोल उठी. मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 दर्ज की गई और इसका केंद्र जमीन के 12 किलोमीटर अंदर था. लगातार दो राज्यों में धरती हिलने से पूर्वोत्तर सीमांत इलाकों में भारी अफरा-तफरी मच गई.
भारत के बाद अफगानिस्तान में भी कांपी धरती
पूर्वोत्तर भारत में आए इन दो झटकों के ठीक एक घंटे बाद पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भी भूकंप का बड़ा झटका दर्ज किया गया. सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता 4.0 रही. सिस्मोलॉजी सेंटर के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन से 103 किलोमीटर की गहराई में था. लगातार आ रहे इन झटकों से पूरे दक्षिण एशिया में भूगर्भीय हलचल तेज होने की आशंका जताई जा रही है.
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‘दीवारें हिलीं, बर्तन गिरे, जान बचाकर भागे’
भूकंप प्रभावित इलाकों के स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक पलंग और घर का सामान हिलने लगा. झटका इतना अचानक था कि लोग बिना चप्पल-जूते पहने ही अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर सड़कों की ओर दौड़ पड़े. काफी देर तक लोग ठंड और दहशत के साये में खुले आसमान के नीचे खड़े रहे. धरती का कंपन पूरी तरह शांत होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली.
किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं
राहत और गनीमत की बात यह रही कि इतनी तीव्रता के बावजूद अभी तक किसी भी राज्य से जान-माल के बड़े नुकसान या इमारतों के गिरने की खबर नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और ग्रामीण इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है. मौसम और भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि मुख्य झटकों के बाद हल्के आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) आ सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
-भारत एक्सप्रेस
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