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बिहार-झारखंड में सोन नदी जल बंटवारे पर बनी सहमति, जानिए गृहमंत्री अमित शाह से किसने क्या मांगा?

Amit Shah In Eastern Zonal Council Meeting: गुरुवार को रांची के रेडिशन ब्लू होटल में पूर्वी क्षेत्रीय अंतरराज्यीय परिषद की 27वीं बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की. इसमें झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा ने हिस्सा लिया.

Amit Shah In Eastern Zonal Council Meeting

पूर्वी क्षेत्रीय अंतरराज्यीय परिषद की 27वीं बैठक, रांची

Eastern Zonal Council Meeting: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) की मौजूदगी में गुरुवार को रांची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय अंतरराज्यीय परिषद की 27वीं बैठक में चार राज्यों झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़े 20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार राज्यों के समावेशी विकास की कार्ययोजनाओं के लिए हरसंभव मदद को तत्पर है. उन्होंने राज्यों की ओर से रखी गई मांगों पर समुचित कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया. बैठक में चारों राज्यों की सरकारों ने विकास, जनकल्याण, क्षेत्रीय संतुलन, जल संसाधनों के वितरण और अपराध नियंत्रण से संबंधित विषयों पर बेहतर समन्वय के साथ काम करने का संकल्प लिया.

रांची के रेडिशन ब्लू होटल में आयोजित बैठक में बिहार की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, झारखंड की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ओडिशा की ओर से मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पश्चिम बंगाल की ओर से वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल हुए. सभी नेताओं ने अपनी-अपनी मांग केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (HM Amit Shah)के सामने रखी. शाह ने भी समावेशी विकास के लिए हरसंभव मदद को भरोसा दिया है.

झारखंड का ओर से रखा गई मांग

बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की ओर से कुल 31 मांगें रखीं. उन्होंने विकास, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. सोरेन ने रांची में मेट्रो ट्रेन की परियोजना शुरू करने, राज्य की दामोदर नदी को नमामि गंगे परियोजना में शामिल करने और आदिवासी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसी मांगें प्रमुखता से रखीं.

हेमंत सोरेन कोल कंपनियों के पास राज्य की 1.40 लाख करोड़ रुपए की राशि बकाया होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और इस राशि का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य में जिन खदानों में खनन कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें सुरक्षित रूप से बंद किया जाना चाहिए.

बिहार की ओर से रखी गई मांग

बिहार की ओर से बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की. उन्होंने बताया कि बिहार में गंगा, कोसी सहित अन्य नदियों से होने वाले जलस्राव और गाद के कारण हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यापक गाद प्रबंधन नीति बनाने पर बैठक में सहमति बनी है.

बिहार सरकार के प्रतिनिधियों ने बैठक में फरक्का बराज के निर्माण से गंगा नदी का अविरल बहाव सुनिश्चित करने और बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर कटावरोधी कार्यों के खर्च का शत-प्रतिशत भार केंद्र सरकार द्वारा उठाने की मांग की. उपमुख्यमंत्री चौधरी ने गंगा और नेपाल व अन्य राज्यों से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन के लिए समन्वित नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

बिहार और झारखंड के बीच बनी सहमती

बिहार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बैठक में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे पर सहमति बन गई है. इन्द्रपुरी जलाशय और बाणसागर समझौते के तहत इस नदी का 5.75 एमएएफ जल बिहार को और 2.00 एमएएफ जल झारखंड को आवंटित होगा.

ओडिशा की ओर से रखी गई मांग

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में बैंकों की शाखाएं खोलने के लिए केंद्र से मदद का आग्रह किया. माझी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में 6,794 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 2,421 में ही बैंक शाखाएं हैं. शेष 4,373 ग्राम पंचायतें अब भी बैंक शाखाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र जरूरी कदम उठाए ताकि बैंकों को शेष पंचायतों में शाखाएं खोलने में सुविधा हो.

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पश्चिम बंगाल की ओर से रखी गई मांग

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बैठक में शिरकत कर रहे वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ‘भड़काऊ सोशल मीडिया’ कंटेंट पर रोक लगाने के लिए कड़े राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की. इसके अलावा, उन्होंने राज्य की ओर से केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया.



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