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चुनाव आयोग 19 राज्यों में शुरू करेगा SIR का तीसरा चरण, जानें वो आंकड़ा जिसने बढ़ाई विपक्ष की धड़कन

ECI ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है. करीब 3.94 लाख BLO अब 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर वोटर डेटा का सत्यापन करेंगे…

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए SIR (Special Intensive Revision) के तीसरे चरण का बिगुल फूंक दिया है. इस बार दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को ‘अपडेट’ किया जाएगा.

दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक विश्लेषक इसे ‘SIR टेस्ट’ मान रहे हैं, क्योंकि पिछले चरणों में जहाँ-जहाँ यह प्रक्रिया पूरी हुई, वहां भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है.

3.94 लाख BLO खटखटाएंगे आपका दरवाजा

चुनाव आयोग ने इस बार अपनी सबसे बड़ी टीम मैदान में उतारी है. करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर 36.73 करोड़ मतदाताओं के डेटा का सत्यापन करेंगे. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य जनगणना की हाउस लिस्टिंग और मतदाता सूची के बीच तालमेल बिठाना है. आयोग चाहता है कि मतदाता सूची में न तो कोई फर्जी नाम रहे और न ही कोई पात्र मतदाता वोट देने से वंचित रहे.

SIR के आंकड़ों ने क्यों बढ़ाई विपक्ष की धड़कन?

इस खबर का सबसे दिलचस्प पहलू इसका राजनीतिक परिणाम है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि जिन 13 राज्यों में पहले दो चरणों का SIR पूरा हुआ, वहां के चुनावों में भाजपा ने बंपर जीत दर्ज की है. माना जा रहा है कि मतदाता सूची के सटीक होने और पन्ना प्रमुखों की सक्रियता से ‘डबल इंजन’ सरकार को सीधा फायदा मिलता है. अब जब पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों में SIR होने जा रहा है, तो राजनीतिक पंडित इसे भाजपा के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं.

‘वर्चुअल’ नहीं ‘एक्चुअल’ वेरिफिकेशन

आयोग ने केवल सरकारी मशीनरी पर भरोसा नहीं किया है बल्कि राजनीतिक दलों को भी इसमें साझीदार बनाया है. 3.94 लाख BLO के साथ 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे. आयोग ने सभी दलों से अपील की है कि वे हर बूथ पर अपने एजेंट नियुक्त करें ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश न रहे.

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पहाड़ों को छोड़ पूरे देश में तैयारी

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम और बर्फबारी के कारण फिलहाल हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को इस चरण से बाहर रखा गया है. बाकी राज्यों के लिए कार्यक्रम इस प्रकार है:

ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम: 1 जुलाई से शुरू, अंतिम सूची 6 सितंबर 2026.

आंध्र प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़: 1 जुलाई से शुरू, अंतिम सूची 22 सितंबर 2026.

पंजाब और तेलंगाना: 1 अक्टूबर से शुरू, अंतिम सूची 1 अक्टूबर 2026.

दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक: 1 अक्टूबर से शुरू, अंतिम सूची 7 अक्टूबर 2026.

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-भारत एक्सप्रेस



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